तो 2012 में ही हो जाता शीना मर्डर केस का खुलासा

Sep 18 2015 11:26 AM
तो 2012 में ही हो जाता शीना मर्डर केस का खुलासा

मुंबई : बहुचर्चित शीना बोरा हत्याकांड को लेकर हाल ही में नई जानकारी सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि मुंबई पुलिस के इंस्पेक्टर द्वारा दावा किया गया है। जिसमें कहा गया है कि वर्ष 2012 में रायगढ़ के जंगल से शीना का अधजला शव पुलिस को मिला था। ऐसे में जब इंस्पेक्टर सुभाष मिर्गे ने रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही तो उसे तत्कालीन एसपी आरडी शिंदे ने रोक दिया। इस मामले में यह कहा गया कि इंस्पेक्टर मिर्गे केस फाईल करने लेग लेकिन उन्हें एसपी शिंदे ने केस फाईल करने से इंकार कर दिया।

वर्तमान में आरडी शिंदे एडिशनल कमिश्नर के पद पर पदस्थ हो चुके हैं। शीना मर्डर केस के मुख्य आरोपी और उसकी मां इंद्राणी मुखर्जी, सौतेले पिता संजीव खन्ना और वाहन चालक श्यामवर राय जेल में हैं। मगर इस केस को लेकर कई तरह की जानकारियां अभी भी सामने आ रही हैं। उल्लेखनीय है कि शीना मर्डर केस मुंबई पुलिस के लिए एक चुनौती की तरह था।

जिसमें इतने वर्षों बाद गुत्थी को सुलझाना पुलिस के लिए बहुत मुश्किल था। यही नहीं मामले में मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी, संजीव खन्ना, श्यामवर राय आदि को पकड़कर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों की निशानदेही पर शव दफनाने के स्थान की जानकारी मिली। पुलिस जब वहां पहुंची तो उसे नरकंकाल मिला और पुलिस ने कंकाल के विसरा को डीएनए टेस्ट के लिए भेज दिया।

टेस्ट के दौरान यह पाया गया कि यह कंकाल शीना का ही था। शीना के कंकाल को जब आरोपी इंद्राणी मुखर्जी के डीएनए से मैच करवाया गया तो वह भी पाॅजीटिव मिला और इंद्राणी की बेटी के तौर पर शीना की पहचान हुई। उल्लेखनीय है कि शीना की मुंबई के वर्ली स्थित फै्लेट में हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद उसके शव को ठिकाने लगाया गया था।