सोशल मिडिया पर छाया विश्व हिन्दी सम्मेलन का खुमार

सोशल मिडिया पर छाया विश्व हिन्दी सम्मेलन का खुमार

दसवाँ विश्व हिन्दी सम्मेलन अभी जोरो शोरो से सोशल मिडिया में छाया हुआ है। इस आयोजन के लिए आज कल से नहीं बल्कि कई समय पहले से ही तैयारिया प्रारम्भ कर दी गई थी तब जा कर इस कार्यकम को सफल बनाया गया है। दसवें विश्व हिन्दी सम्मेलन में जहा राजनेताओ ने शिरकत की वाही बॉलीवुड के कई अभिनेता भी इस आयोजन का हिस्सा बने। इस आयोजन के बारे में कई व्यक्तियों को अभी समझ नहीं आएगा उन्हें थोड़ा समय लगेगा। कैसा लगेगा जब हम हर चीज हिंदी में ढूंढेंगे, उसे हिंदी में पड़ेंगे ,सुनेगे गायेगे और इसमें पूरा देश भागीदारी बनेगा। या आयोजन के शुरू होने से पहले ही यह सोशल मिडिया में चर्चा का विषय रहा है। जिसके चलते इस आयोजन की कई प्रकार से आलोचनाएँ भी हो रही थी। जहा इस आयोजन को लेकर कोई खुश था तो कही इस आयोजन की दिन प्रतिदिन आलोचनाएँ बढ़ती ही जा रही थी।

इस आयोजन में कई प्रकार के लोगो ने आयोजन का हिस्सा बने। जैसे इस आयोजन को सफल बनाने के लिए लेखको का एक समूह,पत्रकारों का समूह, हिंदी साहित्य के जाने माने लेखक इस आयोजन को सफल करने के लिए इस आयोजन में शामिल थे। इसी के साथ इस आयोजन में अन्य विचार धाराएं रखने वाले व्यक्ति भी शामिल थे। सोशल मिडिया पर इन सभी का महत्वपूर्ण योगदान था । इस आयोजन का भोपाल में होना एक इत्तेफाक ही हो सकता है। इस आयोजन में सभी अतिथियों को एक मुख्य आग्रह से बुलवाया। इस तरह के आयोजन में हमेशा ही पंजीयन के द्वारा ही होता है। लेकिन भारत के कुछ मुख्य अतिथि है जिन्हे विशेष सम्मान के साथ बुलाया जाये। कई लोग इस आयोजन की आलोचनाएँ करने से नहीं चुके। जहा भी मौका मिलता वह अस आयोजन में कुछ न कुछ खामिया निकालने से बाज न आये।

जिन अतिथियों को विशेष आग्रह से नहीं बुलाया गया वे पंजीयन से आयोजन में शामिल हो सकते है। इसी के साथ साहित्यकारों के समूह भी था जो इस आयोजन का अर्थ साहित्यकार सम्मेलन बताते है। इस आयोजन के शुरू होने से पहले कई तरह के अभियान चले थे। हिंदी विरोधियो ने राजनैतिक कार्यकर्ताओ के साथ मिलकर कई तरह की अड़चन डाली। विश्व हिन्दी सम्मेलन का प्रचार सोशल मिडिया पर खूब हुआ। सोशल मिडिया पर इस आयोजन की खूब सकारात्मक बातो के साथ ही नकारात्मक बाते भी हुई।