एक इंजीनियर का दर्द तुम क्या समझोगे....बाबू

वैसे तो हर कोई चाहता है की उसके बच्चे इंजीनियर बने. और वो अपने बच्चो को इंजीनियरिंग में फ्यूचर की बात कहकर मना भी लेते है. और जब बच्चे परेशान होकर इंजीनियरिंग करने का डिसीजन ले लेते है और जब जॉब न मिलने पर घर पर रहते है तो यह पेरेंट्स और पडोसी उन इंजिनियर बच्चो पर सवाल दाग देते है.

और हर बार उन बेचारे इंजीनियरों को नए नए ताने और नई नई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. देखिए क्या सुनना पड़ता है एक इंजीनियर को..