PM मोदी ने की स्टार्ट-अप इंडिया कार्ययोजना की घोषणा, जानिए खास बाते

Jan 17 2016 09:51 AM
PM मोदी ने की स्टार्ट-अप इंडिया कार्ययोजना की घोषणा, जानिए खास बाते

नई दिल्ली : शनिवार को उद्यमिता को बढ़ावा देने और उसके अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टार्ट-अप इंडिया कार्ययोजना की घोषणा की है. इसमें तीन वर्षों तक कर वसूली पर रोक और उद्यम पूंजी निवेश पर पूंजीगत लाभ शुल्क से छूट जैसी सुविधओ को शामिल किया गया. पीएम मोदी के स्‍टार्ट-अप इंडिया ऐक्‍शन प्‍लान की ये है खास बातें

मोदी ने स्टार्ट-अप्स के लिए जिन लाभों की घोषणा की, उनमें स्वसत्यापन और निरीक्षण से तीन वर्ष की छूट, एक ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप, पेटेंट आवेदन शुल्क में 80 प्रतिशत की कटौती और मदद के लिए एक केंद्र भी शामिल हैं. स्टार्ट-अप इंडिया कार्ययोजना के शुभारंभ समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने नए उद्यमियों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कोष की घोषणा की.

उन्होंने सरकारी खरीदारी में समान अवसर, 500 करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी योजना और आसान एक्जिट नियमों की भी घोषणा की. मोदी द्वारा घोषित किये गए लाभों में सार्वजनिक-निजी साझेदारी मोड के तहत 35 नए इनक्यूबेटर, राष्ट्रीय संस्थानों में 31 नए नवाचार केंद्र, सात नए अनुसंधान पार्क, पांच बायो-क्लस्टर और सेक्टर केंद्रित इनक्यूबेटर, प्रयोगशाला, इनक्यूबेशन पूर्व प्रशिक्षण और बीज धन सहित एक मिशन को भी शामिल किया गया हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, 'हम यह सुनिश्चित कराना चाहते हैं कि हम स्टार्ट-अप्स के साथ यथासंभव कम से कम हस्तक्षेप करें. इसके लिए हमने स्वसत्यापन पेश किया गया है. तीन वर्षों तक कोई निरीक्षण नहीं किया जायेगा. सरकार स्टार्ट-अप्स से संबंधित सभी कानूनों का एकसाथ मिलान करना चाहती है और इस संदर्भ में उन्होंने विपक्ष की खिल्ली उड़ाई. उन्होंने कहा, 'आप सभी जानते हैं कि यह सब कहां फंसा है. आप इंटरनेट का प्रयोग करें और उनसे कहें कि महत्वपूर्ण मामले संसद में पारित किए जा सकते हैं.'

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि आज जनता देश के शासन में जो अंतर पाएगी वह यह कि आज शनिवार है और आधिकारिक रूप से छुट्टी का दिन है, शाम छह बजे के बाद किसी गतिविधि का तो सवाल ही नहीं उठता, लेकिन आज इतना विशाल आयोजन चल रहा है. मोदी ने कहा कि वह चाहते हैं कि युवा आज रोजगार मांगने के बदले रोजगार प्रदाता बने.

उन्होंने कहा, 'मैं इस सभाकक्ष में ऊर्जा देख रहा हूं. यह देश भर के हमारे युवाओं के अंदर मौजूद उत्साह को जाहिर कर रहा है. स्टार्टअप के लिये 19 बिंदुओं की कार्ययोजना पेश करते हुये मोदी ने कहा कि पूंजीगत लाभकर में छूट से स्टार्टअप भी एमएसएमई के बराबर आ जायेंगे. प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार और नियामकीय संस्थानों के साथ बातचीत करने के लिये एक ऐप और पोर्टल जारी किया जायेगा. पेटेंट आवेदनों को कम लागत पर परीक्षण के लिये कानूनी समर्थन भी दिया जायेगा.

इससे स्टार्ट अप को भी बौद्धिक संपदा अधिकारों के मामले में जागरुकता आयेगी और वह अपने आईपीआर की सुरक्षा और उनका व्यवसायीकरण भी कर सकेंगे. प्रधानमंत्री ने कहा कि दिवाला कानून में स्टार्ट अप उद्यमों को कारोबार बंद करने के लिये सरल निर्गम विकल्प देने का प्रावधान भी किया जायेगा. इसके तहत 90 दिन की अवधि में ही स्टार्ट अप अपना कारोबार बंद कर सकेंगे.