राष्ट्रपति को NEET अध्यादेश पर मंजूरी से पहले चाहिए और जानकारियां

May 24 2016 10:08 AM
राष्ट्रपति को NEET अध्यादेश पर मंजूरी से पहले चाहिए और जानकारियां

नई दिल्ली : एनईईटी पर अध्यादेश जारी करने के बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलने पहुंचे स्वास्थय मंत्री जे पी नड्डा से मुखर्जी ने और जानकारियां मांगी है। उन्होने कई बिंदुओं पर जानकारी के साथ-साथ स्पष्टीकरण मांगा है। सोमवार की दोपहर नड्डा मुखर्जी से मिलने पहुंचे थे।

इस दौरान उन्होने राष्ट्रपति को इस साल राज्य सरकारों के शिक्षा बोर्डों को साझा मेडिकल प्रवेश परीक्षा एनईईटी के दायरे से बाहर रखने के लिए अध्यादेश का सहारा लेने के तर्क से अवगत कराया। आज राष्ट्रपति चीन यात्रा पर रवाना हो गए है।

आधा घंटे से ज्यादा चली इस मुलाकात में मंत्री ने राष्ट्रपति को राज्य बोर्डों की विभिन्न परीक्षाओं, पाठ्यक्रम और क्षेत्रीय भाषाओं के तीन मुद्दों पर जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बैठक में राष्ट्रपति ने कुछ नई जानकारी मांगी है। इस मामले में राष्ट्रपति ने अध्यादेश जारी करने के कारणों के बारे में भी पूछा।

इस अध्यादेश को राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए शनिवार को ही भेजा गया था। नड्डा को जेनेवा में होने वाले एक स्वास्थय सम्मेलन में भाग लेने जाना था, लेकिन मुखर्जी से मुलाकात के लिए उन्होने अपना दौरा कैंसिल कर दिया था।

शुक्रवार को कैबिनेट द्वारा जारी किए गए इस अध्यादेश के मकसद सर्वोच्च न्यायलय द्वारा पारित किए गए उस आदेश को रोकना है, जिसमें सभी निजी और सरकारी कॉलेजों को एक ही परीक्षा लेने को कहा गया था। राष्ट्रपति ने भी इस अध्यादेश के मामले में विशेषज्ञों की राय मांगी है।

विभिन्न राज्य सरकारें राज्य कोटा के लिए विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 12 से 15 सीटें निर्धारित करती हैं ताकि किसी एक राज्य के छात्र दूसरे राज्य में सीट हासिल कर सकें। ऐसे कॉलेजों में शेष सीटें डोमिसाइल छात्रों के लिए आरक्षित होती हैं। अब इस अध्यादेश के लागू हो जाने से डोमिसाइल छात्रों के लिए निर्धारित शेष सीटें एनईईटी के दायरे में आएंगी।