कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर नीतीश ने केंद्र से की मांग, भारत रत्न दिया जाए

Jan 25 2016 06:18 PM
कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर नीतीश ने केंद्र से की मांग, भारत रत्न दिया जाए

पटना: देश में एक बार फिर से आरक्षण पर बयानबाजी तेज हो गई है। जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार की तरह देश भर में अति पिछड़ों के लिए आरक्षण दी जानी चाहिए। नीतीश ने केंद्र सरकार से दिवंगत कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने की भी अपील की है। रविवार को उनकी जयंती के मौके पर श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खुशी की बात है कि बीजेपी वाले भी कर्पूरी ठाकुर का जन्मदिन मना रहे है। इससे बड़ी बात क्या होगी जिसकी सरकार को खुद बीजेपी ने गिरा दिया था, वही आज उनका जन्मदिन मना रहे है। नीतीश ने कहा कि अब जब बीजेपी जयंती मना ही रही है, तो बिहार में अति पिछड़ों के लिए आरक्षण का जो फॉर्मूला है, उसे देश भर में लागू कर दे। नीतीश ने इस दौरान हैदराबाद यूनिवर्सिटी में चल रहे विवाद पर भी बात की।

उन्होने कहा कि रोहित वेमुला की आत्म हत्या के बाद देश में जो वातावरण बना है, बीजेपी उसी रास्ते पर चल रही है। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी व उनके नेताओं ने क्या-क्या नही कहा। लेकिन मेरा स्वभाव ऐसा नहीं है कि हम कटाक्ष करते। अब तो चुनाव के बाद भी इन लोगों में बेचैनी है. श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल की बुकिंग के मामले पर मुझ पर ही आरोप लगाने लगे।

अरे, हम पटना कमिश्नरी में बैठ कर क्लर्की करते हैं क्या? यही मेरा काम है? रोज छाती पीट रहे हैं। ज्यादा छाती पीटेंगे, तो डॉक्टर भी क्या इलाज करेगा? रोज अनाप-शनाप बयान आ रहा है, हम तो उसे ग्रहण ही नहीं करते हैं। जनता ने हमें मेंडेड दिया है, काम करने का मौका दिया है, तो पता नहीं, यह उन्हें क्यों नहीं पच रहा है? अब नहीं पच रहा है, तो पाचक लें या इलाज करवाएं। पांच साल तक छाती पीटते रहिए, कोई उपाय नहीं है।

हम काम करनेवाले हैं, काम करते रहेंगे। सीएम ने कहा कि हम लोगों से सीखते हैं। लोगों का भरोसा है, उसे टूटने नहीं देंगे। जब तक शरीर में शक्ति है, काम करते रहेंगे। किसी से भेदभाव नहीं करते हैं, चाहे मेरे साथ कितना भी भेदभाव हो जाये, सब सहेंगे।