बेरहम मां : लाड़ली को कचरे के ढेर में फेंका, अस्पताल में भर्ती मासूम

कटनी। कहते है की एक मां के लिए औलाद की एहमियत जान से भी बढ़कर होती है लेकिन हम आपको एक ऐसी घटना बता रहे है जिसे जानकर आप इस बात पर सोचने के लिए मजबूर हो जाएंगे। अभी तो उसने इस दुनिया कदम ही रखा था। ठीक से आँख भी नही खोली। जिंदगी और मौत के दलदल में फेंक दिया।

एक बेरहम मां में अपने कलेजे के टुकड़े नवजात बच्ची को कचरे के ढेर में मरने के लिए छोड़ दिया। जब कचरे के ढेर में पड़ी रोती बिलखती मासूम बच्ची पर वह से निकलने वाले लोगो की नज़र पड़ी तो वह देखकर हैरान रह गए। उन्होंने तुरंत आशा कार्यकर्ता को खबर करके स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती करवाया। हम बात कर रहे हैं स्लीमनाबाद थाना अंतर्गत मवई गांव की। यहां आम के पेड़ के नीचे लगे कचरे के ढेर में नवजात बच्ची पड़ी हुई मिली। आशा कार्यकर्ता सुनीता बेन ने 108 को फोन लगाया गया और उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहोरीबंद में भर्ती करवाया गया।

इसके बाद उसे जिला अस्पताल लाया गया है। डॉक्टर ने बताया कि बच्ची एक दिन की है और उसका बजन कम है जिसका इलाज किया जा रहा है। स्लीमनाबाद थाने के एसआई मैदान सिंह अरखेल ने बताया कि स्लीमनाबाद थाने के मवई गांव में कमानिया गेट आम के पेड़ के पास साड़ी में लपेट कर एक बच्ची को किसी ने छोड़ दिया। इसे वहां से निकल रहे ग्रामीण राम भजन बेन देखा। इसके बाद आशा कार्यकर्ता सुनीता बेन को इस बात की जानकारी दी। उसे जिला अस्पताल लाया गया है।

अभी तक बच्ची की मां का पता नही चल पाया है और न ही यह कारण स्पष्ट हो पाया की बच्ची को किस कारण से फेंका गया है। पुलिस इन सभी बातो के जवाब पाने के लिए जाँच में जुट गई है। वही डॉक्टर ने बताया की बच्ची बेहद कमजोर है उसका इलाज किया जा रहा है।

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