राष्ट्रीय महिला आयोग ने तीन तलाक का किया विरोध

नई दिल्ली : देशभर में मुस्लिम समुदाय की महिलाओं द्वारा मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड के तीन तलाक के नियम का विरोध किया जा रहा है। हाल ही में राष्ट्रीय महिला आयेग ने भी तीन तलाक की इस प्रथा का विरोध किया गया है। हालांकि इस नियम को मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड का समर्थन है और उसका मानना है कि यह नियम तो कुरान से है ऐसे में इस मामले में कोई न्याय व्यवस्था को भी निर्णय नहीं ले सकती है।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने तीन तलाक के मामले में सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर कर दिया। सरकार ने भी 7 अक्टूबर को तीन तलाक के मामले में शपथ पत्र दायर कर दिया था और कहा था कि बहुविवाह असंगत है, जिसमें इस प्रथा को प्रतिबंधित करने की मांग की गई है। हालांकि इस नियम पर मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड का मत है कि तीन तलाक के नियम को बदला नहीं जा सकता है यह कुरान का मामला है।

महिला आयोग द्वारा कहा गया कि तीन तलाक असंवैधानिक हैं इससे महिलाओं का जीवन मुश्किल में है। महिलाओं के जीवन पर संकट मंडरा रहा है और उनकी जिंदगी बर्बाद हो रही है। तीन तलाक, निकाह हलाला और बहुविवाह जैसी प्रथाओं का महिला आयोग ने विरोध करते हुए कहा है कि इससे मुस्लिम महिलाओं की हालत पर असर होगा। उनकी संतानों पर भी इसका असर हो सकता है। महिला आयोग ने केंद्र सरकार पर समर्थन करने की बात कही है। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय में राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा है कि वह सरकार का समर्थन कर रही है।

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