हिन्दू-मुस्लिम को लड़ाने के लिए किस तरह Fake News चलाते हैं मोहम्मद ज़ुबैर, देखें ये मामला

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने प्रोपेगंडा पोर्टल Altnews के सह संपादक मोहम्मद ज़ुबैर को गिरफ्तार कर लिया है। जुबैर पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा-153 (ऐसे कृत्य जिससे दंगे और उपद्रव होने की आशंका हो) और धारा-295 (किसी समाज द्वारा पवित्र मानी जाने वाली वस्तु का अपमान करना) के तहत कार्रवाई हुई है। अब दिल्ली की कोर्ट ने ज़ुबैर को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। बता दें कि मोहम्मद ज़ुबैर फेक न्यूज़ फैलाने के लिए भी जाने जाते हैं और उनका मीडिया पोर्टल भी हिंदुफोबिक खबरों के लिए कुख्यात है। मुस्लिमों को हिन्दुओं के खिलाफ भड़काने के लिए ज़ुबैर फर्जी खबरों का सहारा लेते हैं।  

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में AltNews वाले मोहम्मद जुबैर और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Twitter के खिलाफ इस मामले को लेकर प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी। दरअसल, मोहम्मद जुबैर ने गत वर्ष जून में एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया था कि लोनी में अब्दुल समद नाम के एक बुजुर्ग से जबरन ‘जय श्री राम’ बुलवाया गया, जबकि आरोपितों में आरिफ, आदिल और मुशाहिद के नाम थे। पुलिस की जाँच में ये मामला कहीं से भी सांप्रदायिक नहीं पाया गया। पुलिस के अनुसार, ताबीज देने को लेकर मारपीट हुई थी।

गाजियाबाद के लोनी थाने में दर्ज FIR में लिखा हुआ है कि पुलिस को विश्वस्त सूत्रों से पता चला कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। उक्त वीडियो में कुछ लोग अब्दुल समद नामक शख्स की पिटाई करते हुए और उसकी दाढ़ी काटते हुए नज़र आ रहे हैं। FIR के मुताबिक, सोशल मीडिया में इस वीडियो के साथ दावा किया गया कि आरोपित हिन्दू समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, जिन्होंने बुजुर्ग से जबरन ‘जय श्री राम’ बुलवाया। जिन्होंने इस घटना की सत्यता की जाँच किए बगैर ही इसे सांप्रदायिक एंगल दे दिया, इन लोगों में मोहम्मद जुबैर, मीडिया पोर्टल ‘द वायर’, राणा अयूब, सलमान निजामी और सबा नकवी, सबा मोहम्मद और मक़सूर उस्मानी शामिल हैं। FIR में इन सभी के नाम का जिक्र है। लेकिन, इस मामले को देखने के बाद सवाल यह उठता है कि, इस तरह की फर्जी खबर को फैलाने का मकसद क्या था ? क्या ये लोग फर्जी ख़बरों के जरिए ये दर्शन चाहते थे कि हिंदुस्तान में मुस्लिम प्रताड़ित हैं और दुनियाभर में भारत की छवि ख़राब हो, क्योंकि इसी तरह के बेबुनियाद आरोप पाकिस्तान भी भारत पर लगाते रहा है। 

FIR में भी लिखा है कि, इन लोगों ने अचानक लोक शांति को नुकसान पहुँचाने और धार्मिक समूहों में विभाजन के लिए संदेशों को प्रचारित-प्रसारित किया गया। बता दें कि मोहम्मद जुबैर फैक्ट-चेक का दावा करने वाले पोर्टल AltNews के सह-संस्थापक है। वहीं, राणा अयूब विदेशी मीडिया के लिए लिख कर देश विरोधी प्रोपेगंडा फैलाती हैं। वहीं सबा नकवी भी वरिष्ठ पत्रकार हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ उन्होंने भी फैलाई है। सलमान निजामी कांग्रेस के नेता हैं। मक़सूर उस्मानी AMU छात्र संघ के अध्यक्ष थे और दरभंगा से ताल्लुक रखते हैं।  

नूपुर शर्मा करे तो ईशनिंदा, लेकिन वही काम अगर 'मोहम्मद ज़ुबैर' करे तो...

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