मसर्रत आलम के रिहा होते ही पुलिस ने किया गिरफ्तार

Sep 02 2015 08:09 AM
मसर्रत आलम के रिहा होते ही पुलिस ने किया गिरफ्तार

श्रीनगर : कश्मीर में अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के सियासी उत्तराधिकारी के रूप में देखे जा रहे कट्टरपंथी मसर्रत आलम को मंगलवार जमानत पर जेल से छूटते ही पुलिस ने फिर से हिरासत में ले लिया। मसर्रत पर कई धाराओं के तहत मामले दर्ज़ हैं। जानकारी है की मसर्रत को किसी अनजान जगह पर ले जाया गया है। मुस्लिम लीग के अध्यक्ष मसर्रत आलम इसी वर्ष मार्च महीने के दौरान जेल से रिहा हुए थे। अपनी रिहाई के कुछ ही दिन बाद अप्रैल में उन्होंने गिलानी के नई दिल्ली से कश्मीर लौटने पर हैदरपोरा में आयोजित एक रैली में पाकिस्तानी झंडा लहराया था।

इस दौरान मसर्रत ने कश्मीर बनेगा पाकिस्तान और हाफिज सईद का क्या पैगाम-कश्मीर बनेगा पाकिस्तान जैसे उत्तेजक नारे लगाए थे। इसके बाद पुलिस ने 17 अप्रैल को उसके खिलाफ राष्ट्रद्रोह और विधि व्यवस्था भंग करने की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज कर उसे पीएसए के तहत जेल में बंद कर दिया था। मसर्रत आलम को जम्मू की कोट भलवाल जेल में रख गया था। आलम ने अपने पीएसए को अदालत में चुनौती दी थी।

गत 21 अगस्त को हाईकोर्ट के जस्टिस हसनैन मसूदी ने पीएसए को रद कर तत्काल प्रभाव से मसर्रत आलम को रिहा करने का निर्देश दिया था। अदालत ने अपने फैसले में मसर्रत आलम की गिरफ्तारी व कैद को गैर लोकतांत्रिक करार दिया था। इस बीच, मुस्लिम लीग के प्रवक्ता रफीक गनई ने बातचीत में बताया कि हमने कोट भलवाल जेल प्रशासन को अदालत का आदेश सौंपा था।

उसके आधार पर ही मसर्रत आलम को रिहा किया गया, लेकिन वह जेल का गेट पार कर बाहर आते, उससे पहले ही वहां परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गनई ने कहा कि हमें नहीं मालूम कि आलम को दोबारा किस जुर्म में गिरफ्तार किया गया है। उसकी गिरफ्तारी अदालत की अवमानना है और हम बुधवार को इसके खिलाफ अदालत में याचिका दायर करेंगे।