जानिए क्या है अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस का इतिहास

आज इंटरनेशनल मेन्स डे  है. आज पुरुषों के अधिकारों, स्वास्थ्य, पुरुषत्व के सकारात्मक गुणों की बढ़ोतरी हुई है, लैंगिक समानता के लिए देश-विदेश के कई कोनों में जागरूकता अभियान  भी शुरू कर दिए गया है. दरअसल, समाज भले ही पुरुष प्रधान हो लेकिन कई बार पुरुष भी अत्याचार का शिकार हो जाते है. इंडिया में  इंटरनेशनल मेन्स डे पहली बार 2007 में 19 नवंबर को सेलिब्रेट किया गया. तो चलिए जानते है  इंटरनेशनल मेन्स डे का इतिहास और इस दिन को आप अपने पुरुष दोस्तों, सहकर्मियों, पिता, भाई और पति के लिए किस तरह यादगार बना सकती हैं…

अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस का इतिहास- इंटरनेशनल मेन्स डे सेलिब्रेट करने की मांग सबसे पहले सन 1923 में कुछ पुरुषों ने ही की, उनका बोलना था कि महिला दिवस सेलिब्रेट किया जाता है, तो पुरुष दिवस भी सेलिब्रेट किया जाना चाहिए. 19 नवंबर 1999 में त्रिनिदाद और टोबैगो के लोगों ने पहली बार इंटरनेशनल मेन्स डे सेलिब्रेट किया. भारत में डॉ. जीरोम तिलकसिंह ने पुरुषों के अधिकारों और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए बहुत कोशिश की. डॉ. जीरोम तिलकसिंह के पिता का जन्म 19 नवंबर को हुआ था. इसी तारीख को भारत में इंटरनेशनल मेन्स डे सेलिब्रेट करने की शुरुआत हुई.

अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस 2021 की थीम- प्रत्येक वर्ष अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस 2021 की थीम अलग-अलग थीम के आधार पर सेलिब्रेट किया जाता है. इस बार की थीम है – ‘Better relations between men and women’है. यानी ‘पुरुषों और महिलाओं के बीच बेहतर संबंध’ स्थापित होना.  

अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस को ऐसे बनाएं ख़ास- इंटरनेशनल मेन्स डे देश और विदेशों में सेलिब्रेट जाता है. इस दिन आप अपने दोस्तों, सहकर्मियों, भाई और पिता को ख़ास महसूस कराने के लिए आप उनके लिए कोई प्यार भरा मैसेज, ग्रीटिंग, शेविंग किट या शर्ट गिफ्ट कर सकती हैं. उन्हें बताइए कि वो आपके जीवन में क्या अहमियत रखते हैं.

 

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