बस तेरे ही नखरे है

बस तेरे ही नखरे है

एक प्रेमी जोड़ा रोज रोज के झगड़ो से परेशान होकर

तलाक के लिए कोर्ट में जाते है

पति : जज साहब मुझे मेरी पत्नी से मुक्ति दिल दो

जज साहब : तुम अपनी पत्नी से तलाक क्यों चाहते हो ?

पति : जज साहब में शादीशुदा जिंदगी से खुश नहीं हुँ

कृपया कर मुझे मेरी पत्नी से तलाक दिलवा दीजिये

कोर्ट में चिल्लाते हुए

पत्नी : कमीने सारा शहर मुझ से खुश है

बस एक तेरे ही नखरे है..