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'अगर भाजपा का धर्म कार्ड नहीं चला तो राजस्थान में हमारी सरकार होगी..', चुनावी नतीजों से पहले सीएम गहलोत का बड़ा दावा
'अगर भाजपा का धर्म कार्ड नहीं चला तो राजस्थान में हमारी सरकार होगी..', चुनावी नतीजों से पहले सीएम गहलोत का बड़ा दावा

जयपुर: राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग संपन्न हो चुकी है। 3 दिसंबर को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना के साथ राजस्थान के परिणाम भी घोषित हो जाएंगे। इससे अशोक गहलोत ने राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनने का भरोसा जताया है। हालांकि, उन्होंने एक अजीब सा तर्क भी दिया है। गहलोत ने कहा है कि, चुनाव में भाजपा ने धर्म की आड़ में डरावनी और तनाव भरी बातें कीं हैं। यदि भाजपा का धर्म का कार्ड चल गया, तो अलग बात है, यदि धर्म का कार्ड नहीं चला तो राजस्थान में फिर हमारी सरकार होगी। 

अशोक गहलोत ने आगे कहा कि, एग्जिट पोल और सर्वे पर न जाएं। राजस्थान में फिर से कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है। भाजपा के नेता लोगों के सामने डरावनी और बदले की भावना से भरी भाषा बोल रहे थे। पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ ने धर्म के नाम पर एकीकरण और ध्रुवीकरण करने का प्रयास किया। गहलोत ने कहा कि, एग्जिट पोल चाहे कुछ भी कहें, राजस्थान में कांग्रेस सरकार ही बनेगी। 5 राज्यों में से किसी में भी भाजपा की जीत नहीं होने वाली है। 

उन्होंने कहा कि, राजस्थान में जनता हमारी सरकार वापस लाएगी और इसके 3 कारण हैं। पहला कारण यह है कि सरकार के विरुद्ध कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है, ऐसा एक्सपर्ट भी कह रहे हैं। दूसरे हैं मुख्यमंत्री। भाजपा के मतदाता भी यही कहेंगे कि मुख्यमंत्री (गहलोत ने) ने विकास कार्य करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। तीसरी है प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, भाजपा मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों द्वारा बोली जाने वाली भाषा। वह भाषा किसी भी मतदाता को पसंद नहीं आई है।  

बता दें कि, 200 सीटों वाले राजस्थान में 25 नवंबर को वोटिंग हुई थी। हालांकि, एक सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी के देहांत के चलते 199 सीटों पर ही मतदान हुआ। चुनाव आयोग के अनुसार, राज्य में कुल 74.96 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई है। जबकि 0।83 प्रतिशत वोटिंग डाक मतपत्र और घरेलू मतदान के माध्यम से हुई है। 2018 के चुनाव में राजस्थान में 74.06 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। यानी इस बार चुनाव में 0.9 प्रतिशत मतदान अधिक हुआ है।

उल्लेखनीय है कि, राजस्थान में बीते 30 वर्षों से हर बार सरकार बदलने का चलन रहा है। यहां 1993 में भाजपा जीती थी। इसके बाद 1998 में हुए चुनाव में कांग्रेस ने सरकार बनाई। 5 साल बाद यानी 2003 में जनता ने फिर भाजपा को सत्ता सौंपी। इसके बाद 2008 में कांग्रेस, 2013 में भाजपा, 2018 में कांग्रेस सत्ता में आई। अब देखना है कि इस बार भी राजस्थान में तीस वर्षों से चला आ रहा ट्रेंड बरकरार रहता है या कांग्रेस लगातार दूसरी बार चुनाव जीतकर इतिहास रचती है ? 

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