किस तरह परेशान होते है माइग्रेन से

आज के समय में मानव ऐसी बीमारियो का शिकार हो रहा है.जो उसकी जिंदगी को परेशानी में डाल देता है. इसी प्रकार सिर दर्द की बीमारी जिसे माइग्रेशन कहते. यह धीरे धीरे दर्द से चालू होती.यह एक ऐसी बीमारी जो कभी भी कही भी चालू हो जाती है.यह आपके मन को विचलित कर देती है.सिर के किसी भी भाग में दर्द चालू हो जाता है. जो आपके दैनिक जीवन में बाधा पहुचती है. आज के व्यस्त जीवन में इस प्रकार की बीमारी का होना बहुत नुकशान दायक होता है. इसको मध्य नजर रखते हुए एक रिसर्च में माइग्रेशन का होने का पता लगाया उसमे पता चला की सेन्ट्रल नर्व में खराबी के कारण होता है.

माइग्रेन के प्रकार : माइग्रेन बच्चो और बड़ो में अलग अलग तरीके से होता है. क्योकि यह दो प्रकार का होता है क्लासिकल और नान क्लासिकल , नान क्लासिकल माइग्रेन यह सामान्य तरीके का होता है. जो बच्चो और युवाओ में अधिक होता है आमतौर पर 15  से 30  पर्सेंट क्लासिकल माइग्रेन और 70 से 85  नार्मल माइग्रेन होता है . अधिकतर क्लासिकल माइग्रेन में 10  से 15 मिनट तक दर्द होता है जो बिना किसी कारणों से शुरू होता है.

असर कैसा : माइग्रेन कई प्रकार के होते है. जो आपके सामने निकल कर आते है. इससे आपको सिर दर्द चालू हो जाता है. जो धीरे धीरे चालू होता और तेज हो जाता है. आपका ध्यान एक जगह एकत्रित नहीं हो पाता आपकी सोचने की क्षमता पर असर पड़ता है. पेट में दर्द चालू होना ,चमड़ी का पिला हो जाना, चक्कर आना, बोलने में सही शब्दों का व्याख्यान ना हो पाना. इस प्रकार की कई समस्या आती है.

कौन से कारक : माइग्रेन का इलाज अभी तक सही तरीके से पता नहीं लग सका. लेकिन यह एक इस प्रकार की बीमारी है. एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में परिवर्तित होती रहती है. या फिर इसके लक्षणों से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंच जाती है. इसका असर हर पीढ़ी में अलग तरीके से होता है युवाओ और वृद्धो में सिर का का एक हिस्से को प्रभावित करता एवं बच्चो में सिर के दोनों हिस्सों और अगले भाग को प्रभावित करता है. 

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