घर में रखे लाल और काली मछली

घर में एक्वेरियम को रखना जहां एक ओर घर को खूबसूरती प्रदान करता है वहीं उसे जीवंत भी बनाता है. वास्तुशास्त्र के अनुसार भी एक्वेरियम को बहुत उपयोगी करार दिया गया है, क्योंकि इसे अगर सही स्थान और दिशा में रखा जाए तो यह परिवार के लोगों की खुशहाली का कारण बन सकता है.

1-अगर एक्वेरियम को घर के किसी ऐसे कमरे या कोने में रखा है, जो पूरी तरह खुश्क है, तो वहां एक्वेरियम को रखने से उस विशेष स्थान पर आर्द्रता और नमी स्थापित होती है और ऊर्जा में संतुलन कायम होता है.

2-घर का दक्षिण-पूर्वी भाग, एक्वेरियम रखने के लिए बेस्ट माना जाता है. घर में संपन्नता और धन में वृद्धि करने के उद्देश्य से इस स्थान को पारंपरिक रूप से सही करार दिया गया है.

3-इसके अलावा आप घर के उत्तरी या पूर्वी भाग में भी एक्वेरियम को रख सकते हैं. घर का उत्तरी भाग कॅरियर का प्रतिनिधित्व करता है और पूर्वी खुशहाली को दर्शाता है.

4-घर के भीतर ऐसे स्थान पर कभी भी एक्वेरियम नहीं रखना चाहिए जहां भोजन बनता है या विश्राम किया जाता है, जैसे कि रसोई या बेडरूम. इसके अलावा घर के मध्य में भी कभी एक्वेरियम को स्थापित नहीं करना चाहिए.

5-फेंग शुई का पहला तत्व है पानी, यह पानी के ही रूप में एक्वेरियम में मौजूद है, दूसरा तत्व है धरती, यह कंकड़-पत्थर आदि के रूप में एक्वेरियम में रहता है. तीसरा तत्व है अग्नि जो रोशनी या लाल, पीली और नारंगी रंग की मछली के तौर पर गिनी जाती है.

6- 8 लाल और एक काली फिश को एक्वेरियम के जरिए घर में रखने से घर में खुशहाली, ऊर्जा और सौभाग्य का प्रवाह बढ़ता है.

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