राम मंदिर पर सुनवाई

By News Track
Dec 05 2017 08:33 AM
राम मंदिर पर सुनवाई

लगभग पांच दशक से देश में कई बदलाव होते आ रहे है, सियासते आई और गई. बदलते वक़्त के साथ भारत की तस्वीर साल-दर-साल बदलती रही. आज हम जहां खड़े है वहां से पीछे देखने पर साफ दिखता है कि, हिंदुस्तान में कुछ चीजे है जो, आज तक नहीं बदल पाई है. ऐसा ही एक मुद्दा है अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण. मंदिर-मज्जिद का ये विवाद देश के इतिहास का वो अध्याय है, जो आज तक अधूरा है.

बहरहाल फैसला अब सुप्रीम कोर्ट के पास है. बीच का रास्ता निकालने की बात दूसरा विकल्प है. मगर सात साल से कोर्ट में लंबित मामले में अगस्त में हुई सुनवाई के बाद दिसम्बर में होने वाली सुनवाई काफी अहम् हो चली है. मामले से जुड़े कानूनविदों की माने तो दस्तावेजी काम-काज पूरा कर लिया गया है.

सब कुछ ठीक रहा तो 2018 में एक ऐतिहासिक फैसला भी आ सकता है. इस बीच जो धार्मिक भावनाएं आहत हुई है, जो जख्म देश के हिन्दू-मुस्लिमो के दिल पैर है, उनका भरा जाना बाकि है. देश कई बार हिन्दू-मुस्लिम विवादों का कारण अराजकता के माहौल का शिकार पहले भी होता आया है. ऐसे सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए दिसम्बर की ये सुनवाई बेहद खास है.

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