बिना किसी पिलर की सहायता से बना है यह विशाल बुद्ध मंदिर

प्राचीन समय में लोगों के पास आज के जैसे कोई खास संसाधन नहीं होते थे पर उस समय के लोगों ने ऐसे अद्भुत निर्माण किये हैं. जो कि किसी अजूबे से कम नहीं हैं. पहले के लोगों का आर्किटेक्चर कमाल का था उन्होंने ऐसे निर्माण किये हैं. ऐसा ही एक नमूना हम आपको बताने जा रहे हैं. जिसके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे. दरअसल हम बात कर रहे हैं. महाराष्ट्र में गोराई क्रीक और अरब सागर के बीच एक प्रायद्वीप  पर बने मंदिर  ग्लोबल विपस्सना पगोडा की जो कि अपनी विशेष बनावट के लिए दुनिया में मशहूर है. 

 यह मंदिर बड़े पत्थरों और सोने का इस्तेमाल करके बनाया गया है और सबसे हैरानी की बात तो यह मंदिर बिना किसी पिलर की सहायता से खड़ा हुआ है. यहाँ हर रोज़ हज़ारों सैलानी देश-विदेश से घूमने आते हैं. इस मंदिर को देखकर आपको नार्थ-ईस्ट की याद आ जाएगी. इस मंदिर की विशेष बनावट के चलते इसे  विश्व रिकॉर्ड में दर्ज़ किया गया है.

यह मंदिर बुद्ध भगवान का है. यहाँ चीन, मलेशिया, सिंगापुर, कोरिया से तक लोग इस मंदिर को देखने पहुँचते हैं. इस मंदिर में बने हॉल में करीब 8000 लोग एक साथ आराम से बैठ सकते हैं. बिना पिलर के सपोर्ट से बना यह मंदिर करीब 61300 वर्गफुट तक फैला हुआ है. जिसकी गुंबद छत 86 फुट ऊंची है. यहाँ पर भगवान बुद्ध के अवशेष रखे गए हैं और यहाँ एक  बुद्ध की एक लम्बी प्रतिमा है संगमरमर पत्थर से बनाया गया है.

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