बंद से पश्चिम बंगाल में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित

कोलकाता : आज पश्चिम बंगाल में श्रमिक संघों द्वारा राष्ट्रव्यापी परिवहन बंद के आह्वान के कारण जनजीवन पर भी इसका असर रहा, भाजपा तथा वाम मोर्चा द्वारा बुलाए गए दिन भर के बंद तथा श्रमिक संघों द्वारा राष्ट्रव्यापी परिवहन बंद के आह्वान के कारण आज पश्चिम बंगाल में सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। राज्य में हाल में हुए नगर निकाय चुनाव में तृणमूल कांग्रेस द्वारा कथित तौर पर गड़बड़ियों के विरोध में दोनों पार्टियों-वाम मोर्चा तथा भाजपा ने हड़ताल का आह्वान किया, वाम मोर्चा ने जहां हड़ताल को सफल करार दिया, वहीं सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि लोगों ने हड़ताल को खारिज कर दिया, टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और बसों के न चलने के कारण कोलकाता सहित पूरे राज्य में अधिकांश सड़कें लगभग सूनी पड़ी रहीं।

पश्चिम बंगाल के बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर बंद का ज्यादा असर दिखा खासकर हावड़ा एवं सियालदह रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को तथा रोज कार्यालय जाने वाले लोगों को टैक्सी या बस के अभाव में भारी मुसीबत झेलनी पड़ी, कोलकाता और हावड़ा के कई हिस्सों से बसों को क्षतिग्रस्त करने की खबरें भी मिली हैं, मेट्रो रेल की तथा सरकारी बसों की सेवाएं सामान्य रहने से यात्रियों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन इन बसों में बेहद कम यात्री दिखे, राज्य के अधिकांश हिस्सों में दुकानें, बाजार व व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे, रेलवे के एक प्रवक्ता के मुताबिक, लंबी दूरी की रेलगाड़ियों के आवागमन पर कोई असर नहीं पड़ा, लेकिन उपगरीय रेलगाड़ियों का आवागमन प्रभावित हुआ, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने मार्ग अवरुद्ध कर रखा था, सभी निजी स्कूल गुरुवार को बंद रहे, जबकि सरकारी स्कूलों में मामूली उपस्थिति दर्ज की गई, क्योंकि अधिकांश परिजनों ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा, ऐसे ही एक परिजन ने कहा, "अपने बच्चे को स्कूल पहुंचाने के लिए जब बहुत कोशिश करने के बाद भी कोई वाहन नहीं मिला तो मेरे पास कोई और चारा भी नहीं था। अधिकांश विद्यार्थी एवं शिक्षक यहां तक कि प्रधानाध्यापक भी उपस्थित रहे। मैं इस तरह की तोड़-फोड़ की राजनीति का समर्थन नहीं करता।"

खबर मिली है कि विपक्षी कोलकाता और राज्य में कई जगहों पर रैलियां भी निकालीं गई यह रैलियां वाममोर्चा के प्रमुख दल मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कार्यकर्ताओं ने बंद के समर्थन में निकाली थी, माकपा से संबद्ध भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) के प्रदेश अध्यक्ष श्यामल चक्रवर्ती ने कहा, "हड़ताल पूरी तरह सफल रहा, जो आम आदमी के विरोध को दर्शाता है, वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस तथा माकपा के प्रदेश सचिव सूर्यकांत मिश्र ने शहर में हड़ताल के समर्थन में एक रैली का नेतृत्व किया, बर्दवान, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, तथा उत्तरी 24 परगना जिला सहित राज्य के विभिन्न भागों में बंद करवाने का प्रयास कर रहे माकपा के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, वहीं राज्य में कुछ इलाकों से छिटपुट हिंसा की भी खबरें आई हैं।

पुलिस ने बताया कि तृणमूल तथा बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के बाद आसनसोल तथा बर्दवान जिले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया, इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रदेशवासियों से बंद को निष्क्रिय करने का अह्वान किया। राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए ड्यूटी पर अनिवार्य रूप से पहुंचने के लिए एक परिपत्र जारी किया, हड़ताल की निंदा करते हुए एक रैली निकालने वाले तृणमूल के वरिष्ठ नेता सोवांदेब चटोपाध्याय ने दावा किया कि सामान्य जनजीवन प्रभावित नहीं हुआ है, चटोपाध्याय ने कहा, "आम दिनों की तरह ही दुकानें खुली रहीं तथा निजी वाहनों सहित सरकारी बसें सामान्य रूप से चलीं। बंद को किसी ने भाव नहीं दिया।"

Disclaimer : The views, opinions, positions or strategies expressed by the authors and those providing comments are theirs alone, and do not necessarily reflect the views, opinions, positions or strategies of NTIPL, www.newstracklive.com or any employee thereof. NTIPL makes no representations as to accuracy, completeness, correctness, suitability, or validity of any information on this site and will not be liable for any errors, omissions, or delays in this information or any losses, injuries, or damages arising from its display or use.
NTIPL reserves the right to delete, edit, or alter in any manner it sees fit comments that it, in its sole discretion, deems to be obscene, offensive, defamatory, threatening, in violation of trademark, copyright or other laws, or is otherwise unacceptable.
- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -