गंगोत्री में हिमस्खलन की वजह से बन गई झील

देहरादून। उत्तराखंड में गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र के पास भारी भूस्खलन की वजह से नई झील के बनने का अंदेशा लगाया गया है। भारत-चीन बॉर्डर के पास स्थित गंगोत्री ग्लेशियर पर भारी भूस्लखन की सैटेलाइट तस्वीर जारी हुई थी जिसके बाद स्पेशलाइज़्ड टीम को मामले की जांच के लिए भेजा गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि भूस्खलन की वजह से ही वहां फ्रेश वॉटर बॉडी का निर्माण हो गया। जिससे ग्लेशियर पर असर पड़ सकता है।

वैज्ञानिकों ने यह भी पता किया कि झील के निर्माण के कारण अब नदी का बहाव ग्लेशियर के बाईं तरफ से होता है जबकि पहले यह सीधी बहती थी। उत्तरकाशी के डीएम आशीष चौहान ने बताया, 'सोमवार को गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र में भारी भूस्खलन की सैटेलाइट तस्वीर जारी होने के बाद यह तय किया गया कि टीम को भेजकर विस्तृत जानकारी प्राप्त की जाएगी।' 

अक्टूबर महीने में भी गंगोत्री से गोमुख तक पर्यावरणविद और वैज्ञानिकों द्वारा पदयात्रा में सामने आया था कि पहाड़ों पर भूस्खलन की वजह से गिरे मलबे के कारण गंगा नदी का जलमार्ग प्रभावित हो रहा है। वैज्ञानिकों ने यह भी पता किया कि झील के निर्माण के कारण अब नदी का बहाव ग्लेशियर के बाईं तरफ से होता है, जबकि पहले यह सीधी बहती थी। जानकारी के अनुसार इस दौरान पाया गया था कि 13,200 फीट पर स्थित ग्लेशियर में दरारें पड़ गई हैं, वहीं झीलनुमा ढांचा भी बन गया है। यहीं से गंगा का उद्गम होता है। 

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