नोट बंदी को लेकर हो रहा सामान का आदान प्रदान

नोट बंदी को लेकर हो रहा सामान का आदान प्रदान

नई दिल्ली: हाल में भारत में 500 और 1000 रूपये को नोट बंद हो जाने से जहा पुरे देश में करेंसी को लेकर समस्या उत्पन्न हो रही है. वही अब पैसे के आभाव में वस्तु विनिमय का पुराना दौर फिर से उभरता हुआ नजर आ रहा है. जिसमे लोग सामान का आदान प्रदान कर रहे है. भारत की अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत सामानों के अदला-बदली की रही है. आजादी से पहले गांवों और छोटे कस्बे में लोग अपनी जरूरतों को सामान के बदले सामान देकर पूरी करते थे. किन्तु आधुनिकता के ज़माने में खत्म हुए इस रिवाज को फिर से देखा जा सकता है. 

झारखंड के गावों में आपसी समझदारी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सरपट दौड़ रही है. गांव में दुकानदार लोगों को आसानी से सामान दे रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि उनका पैसा सुरक्षित है. यहां पर लोग समझदारी से काम लेते हुए एक दूसरे चीजें बदल रहे हैं. वही कई जगहों पर लोग अपनी सब्जियां और अनाज दुकानदार को दे रहे हैं और उसके बदले में जरूरत का सामान ले रहे हैं.

ऐसा ही नजारा ओडिशा के गांवों में भी दिख रहा है. जहां पर एक सब्जीवाले ने मछली वाले से कुछ किलो सब्जी देकर मछली खरीदी. यहां लोग आपसी लेन-देन से ही काम चला रहे हैं. इसके साथ ही कई गांवों में पहले खरीद लो बाद में भुगतान कर देने वाले पद्धति पर काम हो रहा है. तो इस तरह से समझा जा सकता है कि आज के इस दौर में एक बार फिर से पूर्व काल लौटकर आ गया है. गांव में लोग अपनी समस्या बड़ी ही आसानी से दूर कर रहे हैं. जिसमे उन्हें न तो नोट बंद करने से परेशानी हो रही है, और ना उनका काम रुक रहा है.

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