राजगढ़ और दतिया में भी पैदल सफर कर रहे मजदूरों की हुई मौत

भोपाल : कोरोना वायरस के वजह से लॉकडाउन की अवधि को बढ़ा दिया गया है. इस स्थिति में सबसे ज्यादा बुरी परिस्थितियों को सामना मजदूरों को करना पड़ रहा है. औरंगाबाद में ट्रेन हादसे में उमरिया और शहडोल की 16 मजदूरों की मौत ने सभी को हिलाकर रख दिया है, इसके अलावा मध्यप्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से भी शनिवार को पैदल सफर पर निकले मजदूरों की मौत की खबरें सामने आई है .

दरअसल, राजगढ़ में उदनखेड़ी टोलटैक्स के पास रात्रि 9 बजे के लगभग गुजरात पालघर से चलकर अपने घर उत्तरप्रदेश जा रहे मजदूर संतराज उम्र 32 वर्ष पिता श्रीकांत शाहनी निवासी मल्हारगंज उत्तरप्रदेश की अचानक तबियत खराब हो गई. थोड़ी देर में उनकी मौत हो गई, मौत कैसे हुई इसका पता नहीं चला है. वहीं, दतिया में झांसी बॉर्डर के पास सिकंदरा बैरियर पर महाराष्ट्र की बोरीवली से आए आशिक खान निवासी सिद्धार्थ नगर उत्तरप्रदेश को बिगड़ी तबीयत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया. शुक्रवार की सुबह मजदूर ने दम तोड़ दिया. यह बोरीवली से पैदल ही निकले थे.

बता दें की महाराष्ट्र के जालना स्टील प्लांट में काम करने वाले उमरिया और शहडोल जिले के 16 मजदूरों की मौत औरंगाबाद से 10 किलोमीटर दूर स्थित करमाड में ट्रेन की चपेट में आने के कारण हो गई. यह सभी मजदूर शुक्रवार को औरंगाबाद रेलवे स्टेशन से छूटने वाली विशेष ट्रेन में सवार होने के लिए जालना से रात को रवाना हुए थे. यह मजदूर रेल की पटरियों पर चलते हुए औरंगाबाद पहुंचना चाह रहे थे लेकिन सुबह 4:00 बजे के आसपास इन्होंने कुछ देर के लिए पटरी पर ही विश्राम करने की योजना बनाई और वही लेट गए. इसी दौरान पीछे से आए एक इंजन ने इन सभी मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया जिससे इनकी मृत्यु हो गई.

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