जबलपुर के अस्पताल में दो मासूमों ने तोड़ा दम, सांस लेने में हो रही थी परेशानी

मध्य प्रदेश के कई जिलों में कोरोना कहर बरपा रहा है. वहीं, जबलपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शिशु रोग वार्ड में भर्ती दो मासूमों की सांस लेने में तकलीफ व खांसी व झटके आने की बीमारी से मौत हो गई. दोनों बच्चों के शवों की अंत्येष्टि गढ़ा चौहानी मुक्तिधाम में कोविड-19 की गाइड लाइन के मुताबिक मोक्ष संस्था के आशीष ठाकुर द्वारा स्वजन की मौजूदगी में कराई गई है. बच्चों की मृत्यु के उपरांत थ्रोट स्वाब के सैंपल जांच के लिए आईसीएमआर एनआईआरटीएच भेजे गए.

हालांकि मेडिकल के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अव्यक्त अग्रवाल ने इस बारें में बताया है कि गोटेगांव नरसिंहपुर निवासी 5 माह की बच्ची को 8 मई की रात 3 बजे मेडिकल में भर्ती कराया गया था. बच्ची को 2 दिन से लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ व दूध न पीने की वजह से स्वजन मेडिकल लेकर आए थे. बच्ची को वेंटीलेटर पर रखकर उपचार किया गया लेकिन स्थिति गंभीर होने के वजह से सुबह साढे 4 बजे उसकी मौत हो गई. बच्ची के स्वजन ने बताया कि वह किसी कोरोना संक्रमित मरीज या संदिग्ध के संपर्क में नहीं आई थी. इसी प्रकार बरामा सिवनी निवासी ढाई माह के बच्चे को 8 मई की रात साढ़े 3 बजे स्वजन मेडिकल लेकर पहुंचे थे.

बता दें की खांसी, सांस लेने में तकलीफ व झटके आने की समस्या के कारण उसे भी वेंटीलेटर पर रखकर उपचार प्रारंभ किया गया. हरसंभव कोशिश के बावजूद सुबह साढ़े 7 बजे बच्चे की मौत हो गई. यह बच्चा भी किसी कोविड मरीज के संपर्क में नहीं आया था. अधिष्ठाता डॉ. प्रदीप कसार के निर्देश पर दोनों बच्चों के सैंपल जांच के लिए आईसीएमआर भेजे गए हैं.

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