दादरी हत्याकांड के बाद अब हो रहा शुद्धिकरण

ग्रेटर नोएडा : उत्तरप्रदेश के बीसाहेड़ा गांव में मोहम्मद अखलाक की मौत के बाद इस घटना को दादरी हत्याकांड के नाम से जाना जाता है। अब इस हत्याकांड के बाद यहां पर शुद्धिकरण की प्रक्रिया की जा रही है। शुद्धिकरण की इस प्रक्रिया में गोमूत्र से गांव को शुद्ध  किया जा रहा है। शुद्ध किए जाने के पहले एक मार्च निकाला गया। दरअसल भीड़ द्वारा बीफ की अफवाह को लेकर 50 वर्ष के अखलाक की उनके घर में ही घुसकर हत्या कर दी गई थी।

यह हत्या पीटपीटकर की गई थी। दरअसल अखलाक के घर में बीफ होने की अफवाह को लेकर हत्या की गई। बीफ होने की यह घोषणा एक मंदिर से की गई थी। इसके बाद यह विवाद गहरा गया था। अब यहां पर शुद्धिकरण का नाटक किया जा रहा है। पूरे गांव में वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बाद गंगाजल और गोमूत्र छिड़के जाने की विधि की जा रही है।

मंदिर से एक चलसमारोह भी निकाला  जा रहा है। जिसमें ग्रामीण सम्मिलित होंगे। इस दौरान गांव की पुजारिन भी पूजन में शामिल होंगी। इस शुद्धिकरण को गांव में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का प्रयास भी कहा जा रहा है। आयोजकों द्वारा इस मामले में कहा जा रहा है कि दो माह पूर्व इस घटना से गांव की हवा दूषित हो गई। जिसे शुद्धिकरण के माध्यम से सही किया जा रहा है। अतिसंवेदना मसले को लेकर प्रशासन द्वारा चुप्पी साध ली गई है। 

प्रशासन द्वारा यह कहा गया कि यहां पर किसी तरह का मार्च नहीं निकाला जा रहा है। गांव के लोगों द्वारा मंदिर में पूजा और शुद्धिकरण के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उल्लेखनीय ह कि अखलाक का परिवार  इस घटना से आहत हो गया और दूसरी जगह रहने चला गया। अब वे नहीं चाहते कि इस मामले में कोई जांच हो। परिवार को 45 लाख रूपए का मुआवजा दिया गया है। मगर परिवार को जो जख्म मिला है उसकी तुलना में क्षतिपूर्ति नाकाफी साबित हो रही है।

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