रुको नहीं तो गोली मार दूंगा, मेरा नाम रॉकी यादव है मैं बिंदी यादव का बेटा हूं

पटना : सत्ता की मादकता किस कदर सिर चढ़कर बोलती है, ये जदयू से निलंबित हुई नेता मनोरमा देवी के बेटे रॉकी यादव से बेहतर कौन समझेगा। बिहार के गया में हुए रोडरेज केस में मृतक आदित्य के दोस्त ने बताया कि आरोपी रॉकी हवा में गन को लहराते हुए अपना नाम बता रहा था।

वारदात के वक्त आदित्य के साथ उसके चार दोस्त भी थे। आदित्य के दोस्तों ने सेक्शन 164 के तहत अपना बयान दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि रॉकी को साइड न दिए जाने के कारण उसने आदित्य को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। रॉकी को पुलिस ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

आरोपी की मां और जदयू से सस्पेंड हुई मनोरमा देवी फरार चल रही है। उन्होने गया कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दी है। शुक्रवार को कोर्ट ने आदित्य के दोस्त आयुष अग्रवाल ने अपने बयान में कहा कि मैं, मेरे दोस्त नामिद हुसैन, कैफी, आदित्य और अंकित 7 मई को बोध गया से वापस गया लौट रहे थे।

मुझे उस स्विफ्ट कार का नंबर याद नहीं, जिस पर हम सवार थे। हमने पेट्रोल पंप पर एक सिल्वर कलर की लैंड रोवर देखी, जिससे हम आगे निकल गए थे। आदित्य के दूसरे दोस्त अंकित ने अपने बयान में कहा कि रात 8.15 बजे हमलोग बोधगया से बर्थ डे पार्टी करके लौट रहे थे।

तभी एक लैंड रोवर ने हमसे पास मांगी। लेकिन आगे जाम लगा था, इसलिए हम पास नहीं दे पाए। उशके बाद पुलिस लाइन एरिया के जेल रोड पर निकल गए। नासिर हुसैन ने बयान में बताया कि पुलिस लाइन से जेल रोड पर मुड़ने के बाद हमारी स्विफ्ट कार नंबर BR 02AC 2699 में हमें गोली की आवाज सुनाई दी।

जिसमें से एक शख्स कह रहा था कि रुक जाओ नहीं तो गोली मार दूंगा। इसके बाद हमने गाड़ी रोक दी। लैंड रोवर गाड़ी जिसका नंबर DL 1 TEMP AU 7063 था उसमें से बंदूक लिए एक शख्स उतरा उसके साथ एक बॉडीगार्ड भी था। ड्राइवर ने मुझे और कैफ को पीटा।

अपने हाथ में पिस्तौल लिए वो शख्स कह रहा था कि मेरा नाम रॉकी यादव है, मैं बिंदी यादव का बेटा हूं। नासिर ने अपने बयान में बताया कि पिटते-पिटते मेरे नाक से खून आने लगा, डर के मारे हम सब कार में बैठ गए और भागने लगे। इसके बाद हमें एक और गोली की आवाज सुनाई दी।

हम गाड़ी में बैठे-बैठे झुक गए। तभी आयुष ने चिल्लाकर बताया कि आदित्य को गोली लग गई है। हम वहां से सीधे मगध अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने आदित्य को मृत घोषित कर दिया। हमने वहां से भागने के बाद ये नहीं देखा कि हमलावर कहां गए।

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