आम जनता को धुत्कारते और सीएम की पत्नी को पुचकारते जनता दरबार का वीडियो

एक शिक्षिका के साथ जनता दरबार में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का पाने पद के दम्भ में चूर हो कर अनेकी व्यव्हार का वीडियो आप देख चुके होंगे . मगर उसी आदेश पर अमल भी कर लिया गया है और 20 साल से एक ही जगह काम करने के बाद ट्रांसफर की अर्जी लेकर दरबदर भटके वाली टीचर उत्तरा बहुगुणा (पंत) को निलंबित कर दिया गया है. प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी केएस चौहान ने निलंबन आदेश में कहा है कि उनके द्वारा मुख्यमंत्री के जनता दरबार में बिना विभागीय अधिकारी के प्रतिभाग किया और वहां पर अभद्रता की गई है, जो कर्मचारी आचार सेवा के नियम का उल्लंघन है. ये तो होना ही था कि रात भर बैठ कर  किसी न किसी नियम का उल्लंघन ढूंढ़ ही लिया गया होगा 

लेकिन नियमों के उल्लंघन 57 वर्ष की एक विधवा टीचर जिसके बच्चे उससे दूर है के लिए गैर क़ानूनी लगा. मगर उन अधिकारियों का क्या जिनकी वजह से ही वो जनता दरबार पहुंची थी. एक महिला, वो भी विधवा, अध्यापिका, बुजुर्ग और परेशान जो सहानुभूति और मदद की उम्मीद लिए गई थी उसे सत्ता के नशे में चूर मुख्यमंत्री अहंकार और घमंड ने अब शायद अंदर तक तोड़ दिया . इस मामले में एक सच्चाई और निकलकर सामने आई. एक आरटीआई के अनुसार मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की पत्नी सुनीता रावत अपनी प्रथम नियुक्ति से लेकर अब तक सुगम में ही हैं. सुनीता रावत की प्रथम नियुक्ति 24 मार्च 1992 को प्राथमिक विद्यालय कफल्डी स्वीत पौड़ी गढ़वाल में हुई . उनका ट्रांसफर प्राथमिक विद्यालय अजबपुर कलां में हुआ .पदोन्नति पूर्व माध्यमिक विद्यालय अजबपुर कलां में ही हुई और तब से उनकी पोस्टिंग यही है.

सूचना के अधिकार में लोक सूचना अधिकारी तथा उपशिक्षा अधिकारी मोनिका बम ने एक आरटीआई के जवाब में बताया कि सुनीता रावत की नियुक्ति पत्र के अलावा अन्य प्रमाण पत्र उनके पास उपलब्ध नहीं हैं. अब इन दोनों अध्यापिकाओं की तुलना की जाए तो एक अध्यापिका 1993 से उत्तरकाशी के दुर्गम में है, और वर्ष 2015 में विधवा हो गई थी, जबकि दूसरी अध्यापिका 1992 में अपनी तैनाती के बाद से लगातार सुगम में है और 1996 से देहरादून में एक ही जगह पर तैनात है. सवाल यही है आखिर दोनों अध्यापिकाएं जब प्राथमिक स्कूलों की अध्यापिकाएं हैं तो दोनों के लिए दो अलग-अलग नियम क्यों हैं? शायद इस लिए की एक आम जनता से ताल्लुक रखती है और दूसरी .......

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