ग्लोबल ग्रोथ कमजोर लेकिन भारत है एक उम्मीद की किरण

वॉशिंगटन : ग्लोबल ग्रोथ को लेकर इस साल इसके धीमे रहने का अनुमान लगाया जा रहा है. इस दौरान यह भी बता दे कि हाल ही में इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) की चीफ क्रिस्टीन लागार्डे ने भी यह उम्मीद जताई है कि इस वर्ष ग्लोबल ग्रोथ कमजोर बनी रहेगी लेकिन भी भारत में उम्मीद की किरण नजर आ रही है. उन्होंने इसके साथ ही यह भी कहा है कि कमजोरी के बावजूद भी भारत ही एक ऐसा देश है जहाँ से उम्मीद लगी हुई है. अनुमान लगाते हुए उन्होंने यह भी कहा है कि ग्लोबल ग्रोथ में थोड़ी-बहुत तेजी वर्ष 2016 में ही आना है. क्रिस्टीन ने इसके साथ ही यह भी कहा है कि फ़िलहाल चीन की अर्थव्यवस्था में मंदी का दौर देखने को मिल रहा है और इसके साथ ही यह निर्यात से जुड़े डेवलपमेंट को भी दूर कर रहा है.

इसके अलावा रूस और ब्राज़ील जैसे देश भी बहुत ही गंभीर समस्या का सामना करते हुए नजर आ रहे है. यहाँ तक कि लैटिन अमेरिकी देशों में भी मंदी का दौर बना हुआ है. क्रिस्टीन ने इसके आगे यह भी बताया है कि जिन देशो की आय कम है वहां भी गतिविधियों में कमजोरी बनी हुई है. वित्तीय स्थिरता को लेकर कोई भी आश्वासन नहीं दिया गया है इसलिए ग्लोबल स्तर पर भी अर्थव्यवस्था में कुछ मंदी देखने को मिली है. क्रिस्टीन का कहना है कि पिछले कुछ सालों के दौरान सुधार भी देखने को मिला है लेकिन इस सुधार के बावजूद भी फाइनेंस सेक्टर कमजोर ही बना हुआ है.

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