भारत की GDP को लेकर चीन ने कहा : नोटबंदी अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा

बीजिंग : जब से भारत की जीडीपी विकास दर में आई कमी आने का मामला सामने आया है, कतिपय देशों को भारत के खिलाफ बोलने का मौका मिल गया है. चीन भी इन्ही में से एक है. भारत के संदर्भ में चीनी मीडिया ने कटाक्ष कर कहा है कि भारत की विकास दर 6.1 फीसदी तक घटना नोटबंदी जैसे सुधार उपायों का नतीजा है, जो कि 'अपने पैर पर कुल्हाड़ी' मारने जैसा था. बता दें कि भारत पर व्यंग्य करते हुए चीन के प्रमुख अख़बार ने लिखा कि 'ड्रैगन बनाम हाथी' की रेस में भारत पिछड़ गया है. अर्थव्यवस्था पर नोटबंदी के खराब असर को देखकर यह कहा जा सकता है कि भारत सरकार को नवंबर में लिए गए नोटबंदी जैसे सख्त उपायों से पहले गंभीरता से विचार करना चाहिए था.

इस तरह के शॉक ट्रीटमेंट से बचा जाना चाहिए, क्योंकि अधिकांश भारतीय अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए नकदी पर ही निर्भर रहते हैं. भारत सरकार को निजी क्षेत्रों में निवेश को बढ़ाने के लिए और ज्यादा प्रभावी नीतियां बनाना चाहिए. यही नहीं  लेख में यह उम्मीद भी जताई है कि भारत भविष्य में अपने सुधार कार्यक्रमों में इस तरह अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने वाले कदमों से बचेगा.

उल्लेखनीय है कि भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की रफ्तार पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में यह 6.1 फीसदी रही इस कारण भारत का सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था का तमगा भी छिन गया है. चौथी तिमाही में विकास का आंकड़ा इतना कम रहने की बड़ी वजह नोटबंदी को माना जा रहा है, जबकि जीडीपी विकास दर में आई इस गिरावट को केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने दुनिया भर में जारी आर्थिक मंदी को जिम्मेदार ठहाराया है.

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