तिब्बत सैन्य कमान को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के तहत किया गया शामिल

पेइचिंग: चीन ने भारत के साथ सटी अपनी सीमा पर सुरक्षा करने वाली तिब्बत सैन्य कमान को पीएलए के तहत शामिल कर लिया है. इससे उनका स्तर और उन्नत हो गया है. चीन का कहना है कि यह कमान भविष्य में किसी सैन्य युद्धक अभियान का जिम्मा भी हाथ में ले सकती है।

चीन के एक सरकारी अखबार में कहा गया है कि तिब्बत सैन्य का राजनीतिक स्तर उसकी समकक्ष प्रांत स्तरीय सैन्य कमानों से एक लेबल ऊंचा कर दिया जाएगा और यह पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के अंतर्गत आ जाएगी. यह प्रोमोशन टीएमसी कमान के गठन के नए सफर को दर्शाती है।

अचानक हुए इस बदलाव को विशेषज्ञ हैरानी के तौर पर देख रहे है. क्योंकि पीएलए इस साल के सुधार के तहत अधिकतर प्रांतीय सैन्य कमानों को केंद्रीय सैन्य आयोग के नए नेशनल डिफेंस मोबिलाइजेशन डिपार्टमेंट के नियंत्रण में लेकर आई है. इसकी अध्यक्षता राष्ट्रपति शी जिनपिंग करेंगे।

रिपोर्ट के अनुसार, टीएमसी चीनी जमीनी बलों के अंतर्गत है. इसके आगे टीएमसी को लेफ्टिनेंट जनरल की जगह चार सितारों वाले जनरल दिया जा सकता है. सेना के एक अधिकारी के अनुसार, यह रिपोर्ट बेहद उलझाने वाली है. एक सही नजरिया बनाने के लिए पूरी जानकारी की जरुरत है।

दोनों देशों के बीच 3488 किमी से अधिक लंबी सीमा है, जिससे जुड़े विवाद के बावजूद भारत-चीन सीमा पर शांति रहती है. दूसरी दोनों पक्षों के सेना हॉट लाइन स्थापित करने को राजी हो गए है. द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के लिए राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी 24 मई से चीन यात्रा पर जा रहे है।

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