बेटी की हत्या हुई पर CBI को सबूत ही नहीं मिल रहे

भोपाल : मेडिकल स्टूडेंट नम्रता डामोर की हत्या के मामले में सीबीआई द्वारा की जा रही जांच प्रक्रिया से उसके पिता मेहताब डाबोर दुखी है। उनका कहना है कि सीबीआई ने बिना जांच किए पुलिस की रिपोर्ट को ही आधार बनाकर सीबीआई ने भी अपनी रिपोर्ट बना ली।

उनका कहना है कि उन्होने जो पांच नाम सीबीआई को दिए थे, उन्हीं से पूछताछ हो जाती तो हत्यारे का नाम पता चल जाता। मेहताब सिंह ने कहा कि मैंने कितनी बार कहा कि बेटी की हत्या हुई, अब सबूत नहीं मिल रहे तो इसमें मेरी क्या गलती है। उन्हें लगता है कि सीबीआई चाहती तो अब तक हत्यारे को पकड़ चुकी होती।

सीबीआई द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट को पेश करने की तैयारी भी हो चुकी थी, लेकिन सीबीआई डायरेक्टर अनिल कुमार सिन्हा ने इसे खारिज कर दिया। इस पर मेहताब सिंह का कहना है कि सीबीआई ने एक बार बयान लेने के बाद उनसे संपर्क तक नहीं किया। मेरी बेटी की हत्या के षड्यंत्र में कई प्रभावशाली लोग भी सम्मिलित है।

बता दें कि जनवरी 2012 में नम्रता की लाश उज्जैन के पास रेलवे ट्रैक पर मिली थी। यह मामला इसलिए भी अहम है क्यों कि इस मामले से जुड़ी एक न्यूज स्टोरी करने आए टीवी चैनल के पत्रकार अक्षय सिंह की भी नम्रता के घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

इसके बाद ही व्यापमं घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। सीबीआई ने अक्षय की मौत के मामले में भी पीई दर्ज की थी लेकिन अब तक इस मामले में भी सीबीआई को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जो अक्षय की मौत के पीछे किसी षडयंत्र का इशारा करे।

सीबीआई प्रवक्ता देवप्रीत सिंह कहती हैं कि जब तक मामले में जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह कहना ठीक नहीं है कि सीबीआई के पास कोई सुराग नहीं है। नम्रता के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने भी हत्या की आशंका जताई थी।

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