BJP ने सम्मान लौटाने के मुद्दे पर जारी की बुकलेट

नई दिल्ली : बीजेपी ने इंटोलरेंस के मुद्दे को लेकर एक किताब लाँच की है। कहा जा रहा है कि इस किताब में सम्मान लौटाने के असली कारणों का विस्तार से जिक्र किया गया है। यह बात अब खास से आम हो गई है, क्यों कि कोई तो वाकई असली कारणों से देश की वर्तमान परिस्थिति से तंग आकर पुरस्कार लौटा रहा तो कोई इस भेड़ चाल में शामिल होने के लिए या यूं कहे कि केवल चर्चा के लिए। समाज के बुद्धिजीवी वर्ग कहे जाने वाले लेकक, वैज्ञानिक और फिल्मकार देश में बढ़ती असहिष्णुता से खफा होकर अवॉर्ड लौटा रहे है।

जिसके लिए कहा जा रहा है कि सरकार अपना पक्ष क्यों नही रख रही है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू ने एक बुकलेट जारी किया है। नाम है-- नो द ट्रूथ। इस बुकलेट में परदे के पीछे की कहानी बताई गई है। इस बुकलेट के लांचिंग के दैरान नायडू ने कहा कि पिछले 60 साल से केंद्र में कांग्रेस की सरकार रही है।

इसी कारण बहुत से एकेडमी में उनकी मौजूदगी भी रही है। अब सरकार बदलने से उनकी नियत सामने आ रही है। नायडु ने यह भी कहा कि जो लोग देश पर इतने साल तक अपने निजी विचार लादते रहे है। ऐसे में अब किसी और के विचार इनसे बर्दाश्त नही होते। ज्यादातर संस्थाओं में वामपंथी ही थे और यही वजह है कि लोगों को कहने का मौका नहीं मिलता था। अब दूसरा चेहरा सामने आ रहा है।

बुकलेट में वित्त मंत्री अरुण जेटली समेत पत्रकार तवलीन सिंह, स्वपन दासगुप्ता और अशोक पंडित के लेख प्रकाशित हैं। नायडु ने आगे कहा कि वे प्रधानमंत्री को जान बूझकर घसीटते हैं क्योंकि राजनीतिक तरीके से वो उनसे लड़ ही नही सकते। वे उनको और देश को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं।

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