स्कूलों में लगेगी बायोमेट्रिक मशीने : वीरभद्र सिंग

शिमला : मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से विद्यार्थियों की, विशेषकर प्राथमिक पाठशालाओं में मासिक अथवा त्रैमासिक परीक्षा प्रणाली को आरंभ करने के पक्षधर हैं, ताकि उनके प्रदर्शन का बेहतर आकलन किया जा सके. उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने तथा कमजोर विद्यार्थियों के प्रति और अधिक ध्यान देने के साथ-साथ अध्यापकों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने की भी आवश्यकता है। 

वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा विद्यार्थियों को शैक्षिक तथा निजी तौर पर विकसित करने का आधार है और प्रदेश सरकार प्राथमिक शिक्षा प्रणाली को और सुदृढ़ करने पर बल दे रही है. उन्होंने कहा कि गे्रडिंग प्रणाली से मूल शिक्षा का ढांचा कमजोर हुआ है, क्योंकि बच्चा उच्च कक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाता और बाद की अवस्था में सीखने के लिए देरी हो जाती है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनें लगाने पर विचार कर रही है, ताकि समय की पाबंदी को सुनिश्चित बनाया जा सके. उन्होंने कहा कि अनुपस्थिति पर नियंत्रण रखने के उद्देश्य से पहले चरण में 136 पाठशाओं में जुलाई माह तक बायोमीट्रिक मशीनें लगा दी जाएंगी। 

वीरभद्र सिंह ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों को करियर में आगे बढ़ने के लिए बेहतर विकल्प प्रदान करने के लिए ललित कला, संगीत व विज्ञान इत्यादि विषयों के विशेष कालेज खोलने पर विचार कर रही है. प्रदेश में सर्व शिक्षा अभियान के तहत जल्द स्कूलों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। 

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि अगर किसी क्षेत्र में एक बच्चा भी है तो उसे भी शिक्षा ग्रहण करने का पूरा अधिकार है। ऐसे मे जो स्कूल खोले गए हैं ,उन्हें बंद नहीं किया जा सकता।

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