दुश्मनों के छक्के छुड़ाने को तैयार हुआ युद्धपोत INS कोच्चि

नई दिल्ली ​। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर नौसेना के युद्धपोत INS कोच्चि का नौसेना की गोदी में 30 सितंबर को जलावतरण करेंगे। एक रक्षा प्रवक्ता के अनुसार INS कोच्चि कोलकाता श्रेणी (परियोजना 15 ए) का दूसरा गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रोयर जहाज है। दिल्ली श्रेणी के विध्वंसक पोतों के बाद के क्रम में कोलकाता श्रेणी के तीन जहाजों के लिए करार किया गया था।

दिल्ली श्रेणी के विध्वसंक युद्धपोतों को एक दशक से पहले नौसेना में शामिल किया गया था। नौसेना के आंतरिक संगठन नौसेना डिजाइन निदेशालय ने इसको डिजाइन किया और तैयार किया है। मुंबई में मझगांव डॉक शिप बिल्डर्स ने इसका निर्माण किया है। इसका नाम बंदरगाह शहर कोच्चि के नाम पर रखा गया है। जहाज 164 मीटर लंबा और 17 मीटर गहरा है। इसे चार गैस टर्बाइन से संचालित किया जाता है।

30 नॉट तक की रफ्तार के लिहाज से इसकी संरचना बनाई गई है। रडार की पकड़ में नहीं आ सकने वाले इस जहाज पर करीब 40 अधिकारी और 350 कर्मी रह सकते हैं। इस युद्धपोत पर तैनात खतरनाक हथियारों में आकाश में मार करने वाली मिसाइलें भी शामिल हैं। ये मिसाइलें समुद्र एवं सतह पर लंबी दूरी तक मार कर सकती हैं। आईएनएस कोच्चि भारत की दूसरी एवं दुनिया के ऐसे कुछ युद्धपोतों में से एक है, जो सतह से हवा में मार करने के लिए मल्टी-फंक्शन निगरानी यंत्रों एवं रडारों से लैस है।

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