70 की उम्र में बनी सुहागन, कलश से की शादी

70 की उम्र में बनी सुहागन, कलश से की शादी

ऊधमसिंह नगर : यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है की ये शादी 70 की उम्र में हुई लेकिन ये दुनिया के इतिहास में सबसे अद्भुत शादी है जिसमे एक 70 वर्षीय कुंवारी अम्मा(बुढिया) ने किसी आदमी से नहीं बल्कि एक ताम्बे के कलश से ही शादी कर ली।

जी हाँ ये एक सत्य घटना है दरअसल पर्वतीय अंचल में मान्यता है कि सिर्फ सुहागन के लिए ही स्वर्ग के द्वार खुलते है इसी मान्यता के चलते ऊधमसिंह नगर के छतरपुर गांव में 70 वर्ष की दृष्टिहीन कलावती ने पिछले दिनों घर वालों से कहा कि जीवन भर पूजा-पाठ करने के बाद भी उन्हें स्वर्ग न मिला तो क्या होगा। मुझे सुहागन बनकर मरना है। कलावती की यह इच्छा पूरी करने के लिए घर वालो ने पुरे रीती-रिवाज के साथ ये शादी की जिसमे सबसे पहले शुभ मुहूर्त के रूप में रविवार का दिन तय किया गया। मंगलगीतों के साथ मंगल स्नान हुआ। साथ ही घर की महिलाओं और रिश्तेदारों ने बान भी दिए। गांव में पूरी तरह से ढोल-नगाडो के साथ खुशी का माहौल था। पंडित गणेश पंत ने वैदिक मंत्रोचार आरंभ किया तो कलावती का कन्यादान किया गया। तथा भगवान विष्णु के प्रतीक तांबे के कलश के साथ सात फेरे कराए गए। 

हम आपको बता दे की 70 बर्षीय कलावती की बचपन में ही आखो की रौशनी चली गई थी जिसके कारण उनकी शादी नहीं नहीं हो पाई थी जब उन्होंने अपने परिवार के सामने अपनी शादी करने की इच्छा रखी तो सभी ख़ुशी ख़ुशी तैयार हो गए इस शादी में आस.पास के गाँव के लोग और रिश्तेदार  घराती-बराती बने। साथ ही सभी लोगो को सस्नेह के साथ विधिवत भोज भी कराया गया। कलावती  का कन्यादान रिश्तेदार फकीर दत्त और उनकी पत्नी ने किया। विवाह में उनकी छोटी बहनें लक्ष्मी देवी और कमला देवी शामिल हुई।

इस शुभ विवाह में विदाई की बेला आई तो रिश्तेदारों और शादी में शामिल लोगो के आंसू रोके ना रुक सके सभी की आखो से आंसू बह रहे थे इस शादी में सबसे ज्यादा भाबुक खुद कलाबती हो गई और फुट-फुट कर रोने लगी शादी का यह समय काफी ह्रदय स्पर्शी और मार्मिक था।