सरकार की परीक्षा, नोट के बाद लगी वोट की लाईन

Nov 19 2016 10:04 AM
सरकार की परीक्षा, नोट के बाद लगी वोट की लाईन

नई दिल्ली : देशभर में एक बार फिर चुनाव का दौर है, अरे आप तो डर ही गए। पहले नोट की लाईन में लगने के बाद आप सोच रहे होंगे कि भई अब तो लाईन से तौबा ही कर लें तो बेहतर है। अब लाईन में लगने का खेल बहुत हो गया, अब चुनाव की लाईन में लगना है ओह! मगर आपको अधिक परेशान होने की जरूरत नहीं है। दरअसल हम बात कर रहे हैं पांच राज्यों की लोकसभा और विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव की।

जी हां, जिन राज्यों की कुछ सीटें खाली हो गई हैं जिस पर उपचुनाव होने हैं। मध्यप्रदेश, असम, पुडुचेरी, बंगाल, तमिलनाडु, आदि राज्य हैं। इन राज्यों में मध्यप्रदेश में शहडोल में लोकसभा सीट पर, नेपानगर में विधानसभा सीट पर उपचुनाव हो रहा है। शहडोल में 17 उम्मीदवार चुनावी भाग्य के लिए अपने समर्थकों के साथ पसीना बहा रहे हैं तो दूसरी ओर नेपानगर में होने वाले विधानसभा उपचुनाव में 4 प्रत्याशी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे हैं।

माना जा रहा है कि केंद्र सरकार द्वारा की गई नोटबंदी का असर इस चुनाव पर हो सकता है। कांग्रेस लोकसभा और विधानसभा की सीट को हथियाने के लिए काफी मेहनत कर रही है लेकिन भाजपा भी कम दमदार नहीं है यहां पर भाजपा के समर्थक भी काफी सक्रिय नज़र आ रहे हैं। असम में लखीमपुर लोकसभा सीट पर और बैठलांगसो विधानसभा सीट पर चुनाव होने हैं। लखीमपुर में लोकसभा के लिए मतदान होगा।

तो दूसरी ओर बैठालांसो में विधानसभा उपचुनाव में 8 उम्मीदवार अपने भाग्य को आजमा रहे हैं। दोनों ही क्षेत्रों में 821, 199 महिलाओं समेत 1691313 मतदाता हैं। लखीमपुर से असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल विधायक थे लेकिन वे मई में माजूली से विधानसभा में पहुंचे। ऐसे में भाजपा के लिए यहां पर चुनौती बनी हुई है भाजपा को सोनोवाल जैसा कोई प्रत्याशी खड़ा करना होगा या फिर सोनोवाल के नाम पर यहां पर कुछ कैंपेनिंग करनी होगी।

पुडुचेरी में नल्लीथोप्पे विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान हो रहे है। पश्चिम बंगाल में लोकसभा की दो सीटों के लिए मतदाता वोटिंग कर रहे हैं तो यहां पर विधानसभा की एक सीट पर उपचुनाव हो रहा है। दरअसल यहां पर लोकसभा के लिए कूच बिहार और तमलुक की सीट पर लोकसभा का उपचुनाव हो रहा है। तो दूसरी ओर मोटेश्वर में विधानसभा का उपचुनाव हो रहा है। पश्चिम बंगाल में उपचुनाव के दौर में वाम दल, भाजपा, तृणमूल कांग्रेस सक्रिय नज़र आ रही हैं।