आसाराम को जेल पहुंचाने वाली लड़की ने अपने बुलंद हौंसले साझा किए

जोधपुर: आसाराम को जेल की सलाखों तक पहुंचाने वाली लड़की ने एक बयान देते हुए कहा है की मुझे दसवीं कक्षा में 85 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए थे. व मेने स्कुल मै टॉप किया था तथा मै पढ़ाई में काफी अव्वल थी. इस पीड़ित लड़की ने इन दो वर्षो में अपने दर्द को साझा करते हुए कहा की आसाराम के घिनौने कृत्य के बाद में टूट सी गई थी व इस दौरान अदालत का काफी लंबा सिलसिला चला व मुझे उस वक्त तालिबानी आतंकवादी संगठन के द्वारा उनकी गोली का शिकार हुई मलाला का ध्यान आया, वह जब आतंकियों की गोली खाकर भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकती है तो फिर में आसाराम के खौफ से क्यो डरु, मेने ठान लिया की पढ़ाई तो हर हाल में जारी रखनी ही पड़ेगी. 

व ओपन स्कुल में 12वीं का फार्म भरा. इस दौरान जब भी पढ़ने बैठती हु तो पुरानी बूरी यादें परछाई की तरह इर्द-गिर्द मंडराने लगती है. व मन में डर बना ही रहता है की कही मेरे उपर भी गोलियां बरस सकती है. अब मैंने पुलिस में या फिर न्यायिक क्षेत्र में जाने की ठानी है. आसाराम को यौनशोषण मामले में जेल में बंद हुए पुरे दो वर्ष हो गए है. पीड़िता को कई बार परिवार को खत्म करने की धमकियां भी मिली है, इसके बावजूद अभी भी पीड़िता इंसाफ के लिए अपनी लड़ाई लड़ रही है. 

 

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