सियाचिन में मौत को मात देकर 25 फिट बर्फ के निचे दबा जवान 6 दिन बाद जिंदा लौटा

Feb 09 2016 09:27 AM
सियाचिन में मौत को मात देकर 25 फिट बर्फ के निचे दबा जवान 6 दिन बाद जिंदा लौटा

सियाचिन : सियाचिन में 3 फरवरी को आये भीषण बर्फ के तूफान में एक जवान 25 फीट मोटी बर्फ की परत के नीचे ज़िंदा दबा हुआ मिला. 6 दिनों तक मौत से जंग लड़ने के बाद जवान लांस नायक हनमानथप्पा कोप्पड जिंदा लोट आये है. सेना के शीर्ष अधिकारियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान उनके जिंदा मिलने की जानकारी दी है. हालांकि हनमानथप्पा अभी गंभीर रूप से घायल हैं. आपको बता दे की सियाचनिन में आये इस बर्फीले तूफान के के बाद खबर थी की हिमस्खलन में फंस कर पैट्रोलिंग कर रहे सभी 10 जवान शहीद हो गए हैं.

सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, सियाचिन में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में तलाश किए जा रहे 10 जवानों में से लांस नाइक हनमानथप्पा बर्फ के नीचे जिंदा मिला है. हनमानथप्पा के अतिरिक्त बाकी सभी जवान शहीद हो गए है. उत्तरी सैन्य कमांडर के मुताबिक अभी तक 5 शव बरामद किए जा चुके हैं और चार की शिनाख्त हो चुकी है. कमांडर ने बताया की लांस नायक हनमानथप्पा को आरआर अस्पताल पहुचाया गया है. सियाचिन में हुए हिमस्खलन के 5 दिन बीतने के बाद सोमवार को एक जवान का शव बरामद किया गया था.

मालूम हो की बीते हफ्ते हुए हिमस्खलन में एक जूनियर कमीशन ऑफिसर समेत 10 जवानों के बर्फ में दब जाने की खबर थी. इसके बाद से ही बचाव कार्य जारी है. लेकिन खराब मौसम की वजह से कई परेशानियों का सामना करना पद रहा है. आपको बता दे की जिंदा मिला जवान लांस नायक हनमानथप्पा कोप्पड कर्नाटक के जिला धारवाड़ के निवासी है. लांस नायक का 6 दिनों बाद जिंदा मिला किसी चमत्कार से कम नही है.

सेना ने शुक्रवार को शहीद जवानों के नाम जारी किए थे. जिसमे लांस नायक के अलावा, सूबेदार नागेश टीटी (गांव तेजुर, हासन, कर्नाटक), हवलदार एलुमलाई एम (दुक्कम पराई, वेल्लौर, तमिलनाडु), लांस नायक एस कुमार (कुमानन थोजू, तेनी, तमिलनाडु), लांस नायक सुधीश बी (मोनोरोएथुरुत , कोल्लम, केरल), कॉन्स्टेबल महेश पीएन (एचडी कोटे, मैसूर, कर्नाटक), कॉन्स्टेबल गणेशन जी (चोक्काथीवन पट्टी, मदुरै, तमिलनाडु), कॉन्स्टेबल राम मूर्ति एन (गुडिसा टाना पल्ली, कृष्णा गिरी, तमिलनाडु), कॉन्स्टेबल मुश्ताक अहमद (पारनापल्लै, कुरनूल, आंध्र प्रदेश), कॉन्स्टेबल नर्सिंग असिस्टेंट सूर्यवंशी एसवी (मसकरवाड़ी, सतारा, महाराष्ट्र)