मोदी के डिजिटल इंडिया प्रोग्राम पर विवाद गहराया

नई दिल्ली। खबर है की मोदी के डिजिटल इंडिया प्रोग्राम पर संकट गहरा गया है. उसका कारण है की डिजिटल इंडिया प्रोग्राम में अंकित फाडिया को प्रोग्राम का ब्रांड ऐंबैसडर नियुक्त करना. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भारत सरकार ने अंकित फाडिया की इस पर नियुक्ति को लेकर मंगलवार तक मना किया था व मंगलवार की शाम को सरकार ने अंकित फाडिया के साथ साथ 3 अन्य को भी डिजिटल इंडिया प्रोग्राम का ब्रांड ऐंबैसडर नियुक्ति की घोषणा की.

सरकार द्वारा सुबह के बयान में डिजिटल इंडिया पर ब्रांड ऐंबैसडर की चर्चाए जारी थी व सरकार के प्रचार वेबसाइट पर पोस्ट जारी करने के एक घंटे के बाद ही उसे वहां से हटा लिया गया. व बाद में विभाग ने अंकित फाडिया,सतवत जगवानी और कृति तिवारी को व प्रणब मिस्त्री को एंबेसेडर बनाने की पुष्टि की. फाडिया ने अपनी नियुक्ति से पूर्व दोहराया था की एक जुलाई को नियुक्ति पत्र दिया गया था, जिस पर तत्कालीन सूचना प्रौद्योगिकी सचिव राम सेवक शर्मा का हस्ताक्षर है, जो अब भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के अध्यक्ष हैं। फाडिया ने SMS में कहा की फेसबुक पर मेने यह प्रमाणपत्र पोस्ट किया था. व इसमें फाडिया ने अपनी पोस्ट में कहा था की इस नियुक्ति के लिए में बहुत ही आभारी हु व अपने आप को गौरव महसूस कर रहा हु. 

बता दे की हाल ही में यह बात सामने आई है कि डिजिटल इंडिया का ब्रांड एंबेसेडर बनाने की घोषणा को लेकर पत्र और फोटोग्राफ दिए गए। जिसमें कहा गया कि अंकित को एक वर्ष के लिए इस प्रोजेक्ट का ब्रांड एंबेसेडर बनाया जा रहा है। अंकित एथिकल हैकर हैं। वे वर्ष 2008 में एमटीवी इंडिया पर आयोजित किए गए कार्यक्रम में पहुंचे थे। व्हाट द हैक नामक इस कार्यक्रम में फाडिया इंटरनेट पर हैकिंग के अच्छे उपयोग को लेकर उपयोगकर्ताओं को उत्तर दिया करते थे। 

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