5 लाख कारीगरों ने छोड़ा अपना हुनर

5 लाख कारीगरों ने छोड़ा अपना हुनर

सोने की खरीददारी में लगातार उतार और चढाव का आलम देखने को मिल ही जाता है लेकिन हाल ही में जो बात सामने आई है वह आपको चौंका देगी. जी हाँ, बताया जा रहा है कि भारत में सुनारों के हाथ से बनी ज्वेलरी का प्रचलन धीरे धीरे ख़त्म सा होता जा रहा है, और मशीनों से बनी ज्वेलरी का चलन बढ़ रहा है. इसकी वजह यह बताई जा रही है कि कई कुशल कारीगर अपना काम छोड़ रहे है और अपने इस पेशे से विदाई ले रहे है. आंकड़ों में बात करें तो पिछले दो वर्षों में करीब 5 लाख कारीगरों ने इस पेशे से रुख मोड़ लिया है.

सूत्रों से मिली जानकारी में यह बात सामने आई है कि पिछले दो वर्षों के दौरान एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी होने के साथ ही मार्केट में 80:20 का रुल आने से गोल्ड की डिमांड में कमी आई जिसके चलते 5 लाख कारीगरों ने यह काम छोड़ दिया. मार्केट रिपोर्ट से यह बात भी सामने आई है कि इस वक़्त कुशल कारीगरों की काफी कमी बनी हुई है. साथ ही आपको बता दे कि गोल्ड इंडस्ट्रीज में करीब 35 से 40 लाख कर्मचारी काम करते है. यह भी सामने आया है कि कारीगरों को केवल 150-200 दिनों का ही काम मिल पा रहा है जिस कारण उन्होंने यह काम छोड़ा है.