सैनिटरी पैड पर 12 फीसदी जीएसटी को स्वीकारा

नई दिल्ली : केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने बुधवार को बताया कि सैनिटरी पैड पर 12 फीसदी जीएसटी स्वीकार्य है. उन्होंने प्रेस से कहा कि यह 18 फीसदी से कम हो गया है.

उल्लेखनीय है कि मेनका गाँधी ने वित्तमंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखकर पर्यावरण के लिए अनुकूल और स्वयं नष्ट होने वाले सैनिटरी पैड को 100 फीसदी कर मुक्त करने का आग्रह किया था.लेकिन मात्र 6 फीसदी की कटौती ही हो सकी. उन्होंने कहा कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर भी 12 फीसदी जीएसटी लगेगा, अन्यथा बाजार ख़त्म हो जाएगा. मेनका गांधी ने कहा कि उनका मंत्रालय पहली बार स्वयं-सहायता समूहों को सैनिटरी पैड बनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है. उन्होंने गूंज संस्था द्वारा जीएसटी से मुक्त 20 लाख रुपये से कम की राशि से सैनिटरी पैड बनाने का भी उल्लेख किया.

बता दें कि महिला मंत्रालय की स्कूलों में सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने, स्वयंसेवी संस्थाओं का अनुदान बढ़ाने और पैड नष्ट करने वाली मशीनें उपलब्ध कराने के लिए नीति आयोग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय से चर्चा जारी है.मेनका गाँधी ने यह स्वीकारा कि सैनिटरी नैपकिन को नष्ट करना चिंता का विषय है, लेकिन उन्होंने जल्द ही समाधान निकाल लेने की बात कही.

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