पंजाब : फसलों को नुकसान से बचाने के लिए किसान यूनियन ने बोली ये बात

पंजाब में भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) ने मौजूदा कर्फ्यू की स्थिति के बीच राज्य सरकार से मांग की है कि वह किसानों और मजदूरों को खेतों में काम करने की अनुमति दें. यूनियन के महासचिव हरिंदर सिंह लक्खोवाल ने बुधवार को कहा कि इस समय खेतों में आलू मटर और अन्य सब्जियों की फसलें पककर तैयार है लेकिन उन्हें संभालना और कोल्ड स्टोर तक पहुंचाने का काम रुक गया है.

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इस मामले को लेकर उन्होंने कहा कि कर्फ्यू के कारण किसानों के अलावा खेत मजदूर भी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे और यह फसलें खराब होने का खतरा बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि इन्हीं फसलों से अगले साल के लिए बीज भी तैयार होता है और इसे समय पर कोल्ड स्टोर में पहुंचाना बहुत जरूरी हो चुका है. मैंने कहा कि इन नगदी फसलों का सीजन 31 मार्च तक है और खेतों में हजारों टन आलू ,मटर , टमाटर व अन्य सब्जियों के ढेर लग चुके हैं.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इन्हें संभालने के लिए 1 महीने का समय लग सकता है लेकिन समय पर लेबर न मिली तो यह फसलें खेतों में ही खराब हो जाएंगी. उन्होंने यह भी कहा कि 10 अप्रैल से गेहूं का सीजन शुरू होने वाला है और उससे पहले खेतों को तैयार करना भी जरूरी है. लघु वालों ने कहा कि प्रशासन ने कोल्ड स्टोर भी बंद करवा दिए हैं. उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि कोल्ड स्टोरों को खुलवाया जाए ताकि किसान अपनी फसलें और बीज स्टोर कर सके.उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसानों को ट्राली लेकर कोल्ड स्टोरों तक आने जाने की अनुमति दी जाए. उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि आलू की मौजूदा फसल को ना संभाला गया तो यह है पूरी तरह खराब हो जाएगी और अगले साल के लिए बीज भी नहीं मिल सकेगा.

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