इसीलिए मनाया जाता है ईस्टर संडे

क्या है ईस्टर सन्डे? क्यों मनाया जाता है ईस्टर सन्डे? क्या है ईस्टर सन्डे की मान्यताएं? भारत त्यौहारों का देश है. सबसे ज्यादा त्यौहार मनाने वाले देश भारत में कई लोग जानते ही नहीं कि किस त्यौहार की क्या महत्वता है. आइये हमारी इस खबर के माध्यम से हम आपको बताते हैं कि संडे के आगे ईस्टर क्यों लगाया जाता है.

ईसाई धर्म की मान्यताओं के अनुसार बताया गया है कि ईस्टर शब्द 'ईस्त्र' से बना हुआ है. ईसाई धर्म गुरुओं के अनुसार बताया जाता है कि क्रिस्चियन चर्च ईस्टर रविवार को ही सबसे पवित्र दिन के रूप में मानते आ रहे हैं. लेकिन इसी के साथ चौथी सदी से मानते आ रहे गुड फ्राइडे सहित ईस्टर के पहले जितने भी दिन होते हैं, उन्हें पवित्र बताया गया है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ईस्टर संडे से पहले सारे चर्चों में अलग-अलग तरह की परम्पराएं की जाती है. इसी के साथ रात्रि जागरण भी किया जाता है. इस दौरान प्रभु इशू के चरणों में अनगिनत मोमबत्तियां जलाकर सभी अपना प्यार और अपनी आस्था प्रकट करते हैं. यहीं से यह प्रथा शुरू हुई है कि चर्चों में सजी हुई मोमबत्तियों को दोस्तों और रिश्तेदारों में बांटा जाता है. ईस्टर एक ख़ुशी का दिन है, जिसे खजूर इतवार भी कहा जाता है.

 

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