स्वस्थ और सहज प्रेग्नेंसी के लिए वास्तु टिप्स

Feb 10 2015 02:38 AM
 
1. संतान के लिए इच्छुक जोड़ों को घर के उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित कमरे का इस्तेमाल करना चाहिए। कम से कम तब तक जब तक गर्भ धारण ना हो जाए।
 
2. ये सुनिश्चित करने के लिए कि प्रेग्नेंसी बिना किसी परेशानी के आसानी से गुजर जाए, प्रेग्नेंट महिला को हमेशा दक्षिण-पश्चिम कमरे में ही सोना चाहिए। अगर ऐसा संभव ना हो तो उत्तर-पूर्व दिशा का कमरा भी बेहतर रहेगा। लेकिन पूरी प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भवती महिला को उत्तर-पश्चिम दिशा के कमरे का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
 
3. गर्भवती महिला को हमेशा कमरे की दक्षिण दिशा की ओर ही अपना सिर करके सोना चाहिए।
 
4. गर्भवती महिलाओं को लाल, काला और नारंगी, ऐसे गहरे रंगों के इस्तेमाल से बचना चाहिए। इसकी जगह हल्के रंगों जैसे- हल्का नीला, पीला, सफेद और हल्के गुलाबी रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि गहरे रंगों के इस्तेमाल से गर्भवती महिला डिप्रेशन का शिकार हो सकती है जिसका मां और बच्चे दोनों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
 
5. नीला रंग बेहद आरामदेह माना जाता है, जिसमें अस्ट्रिन्जन्ट जैसी खूबियां होती हैं। लिहाजा गर्भवती महिला जिस कमरे का इस्तेमाल करती हो वहां, हल्की नीली या वायलेट रंग की लाइटें लगाना बेहतर रहता है 
 
6. रीडिंग एक अच्छी आदत है। ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान सकारात्मक और प्रेरणादायक किताबें पढ़ना और भी अच्छा है। साथ ही बेडरूम में बच्चों की तस्वीरें भी लगाएं। इससे गर्भवती महिला हमेशा पॉजिटिव रहती है और होने वाला बच्चा भी स्वस्थ रहता है।
 
7. घर का केंद्र या बिल्कुल बीच का हिस्सा ब्रह्मस्थान कहलाता है और इसे हमेशा खाली रखना चाहिए। घर के ब्रह्मस्थान में किसी भी तरह का भारी फर्निचर रखने से बचना चाहिए।