तुम्हारा साथ इतना प्यारा है

तुम्हारा साथ इतना प्यारा है

ए मेरे दोस्त तुम पर लिखना

शुरू कहा से करू

तुम्हारी अदा से करू या तुम्हारी हया से करू

तुम्हारा साथ इतना प्यारा है

पता नहीं तुम्हारी तारीफ

जुबा से करू या दुआ से करू

इस हद तक भी बेरुखी देखी है हमने

की लोग आप से तुम तक

तुम से जान तक

फिर जान से अनजान तक हो जाते है