जानिए भारत के 10 ऐसे बदनाम क्षेत्र जहा होता है जिस्म का सौदा
जानिए भारत के 10 ऐसे बदनाम क्षेत्र जहा होता है जिस्म का सौदा
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भारत में ऐसे कई क्षेत्र है जहा शाम होते ही देह व्यापार का कारोबार फलने फूलने लगता है तो आइये आज आपको भारत के 10 ऐसे रेड लाइट एरिया के बारे में बताते हैं जिनका नाम एशिया में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में लिया जाता है:

राजधानी दिल्ली के जीबी रोड पर आप जाएंगे तो वहा का माहौल देखकर चकराना नही क्योकि यह राजधानी का सबसे बढ़ा रेड लाइट वाला एरिया है। हालांकि इसका नाम सन् 1965 में बदल कर स्वामी श्रद्धानंद मार्ग कर दिया गया। इस इलाके का भी अपना इतिहास है। बताया जाता है कि यहां मुगलकाल में कुल पांच रेडलाइट एरिया यानी कोठे हुआ करते थे। अंग्रेजों के समय इन पांचों क्षेत्रों को एक साथ कर दिया गया और उसी समय इसका नाम जीबी रोड पड़ा। 

कोलकाता का सोनागाछी, एक जानकारी के मुताबिक यहां कई बहुमंजिला इमारते हैं, जहां करीब 11 हजार वेश्याएं देह व्‍यापार में लिप्‍त हैं। तथा यह उनकी आजीविका का एक जरिया है. उत्तरी कोलकाता के शोभा बाजार के समीप स्थित चित्तरंजन एवेन्यू में स्थित इलाके में वेश्‍यावृत्ति से जुड़ी महिलाओं को बाकायदा लाइसेंस दिया गया है। यहां इस व्‍यापार को कई तरह के समूह चलाते हैं, जिन्‍हें एक तरह से गैंग कहा जाता है। एक अनुमान के मुताबिक इस स्लम में 18 साल से कम उम्र की करीब 12 हजार लड़कियां सेक्स व्यापार में शामिल हैं। 

मुबई का कमाठीपुरा ये भारत का दूसरा सबसे बड़ा रेड लाइट एरिया है। 1880 में यह क्षेत्र अंग्रेजों के लिए ऐशगाह बन गया था। यहां कई यौनकर्मी रहते हैं जिनकी हालत बद से बदतर है। यहां छोटी सी बीड़ी बनाने की इंडस्ट्री भी है जिन्हें महिलायें चलाती हैं। 80 के दशक में हाजी मस्तान और दाऊद इब्राहिम जैसे गैंगस्टर यहां आया करते थे। 

पुणे के बुधवारपेट को भारत का तीसरा सबसे बड़ा रेड लाइट एरिया माना जाता है। व देह व्यापार का कारोबार यहा वर्षो से है खबर के अनुसार यहां करीब 5000 यौनकर्मी काम करते हैं। इस इलाके में किताबों और इलेक्ट्रॉनिक सामान का भी कारोबार होता है। 

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रेशमपुरा एक बड़ा रेडलाइट इलाका है। यहां देह व्‍यापार के लिए विदेशी लड़कियों के साथ मॉडल्स, कॉलेज गर्ल्स भी उपलब्ध होती है। यहां एक तरह से कॉलेज गर्ल्स के लिए बाकायादा ऑफिस खोले जाने लगे हैं। इंटरनेट और मोबाइल पर आने वाली सूचनाओं के आधार पर कॉलगर्ल्स की बुकिंग होती है। कॉलगर्ल्स को ठेके पर या फिर वेतन पर रखा जाता हैं। व देह व्यापार के इस मार्केट में तेजी से वृद्धि हो रही है. 

इलाहाबाद का मीरगंज रेडलाइट ऐरिया तकरीबन डेढ़ सौ साल पुराना है। यहा हर घर के बाहर सज-धज कर तैयार महिलाएं हर आने जाने वाले को अपने पास बुलाती नजर आ जाएंगी। जानकारी के अनुसार यहां पर पहले कोठे चलते थे और यहां पुराने जमीदार मुजरा देखने आते थे। तथा यहाँ जाना खतरे से खली नही है फिर भी चाहने वाले आख़िरकार वहा हर खतरे के मद्देनजर भी चले ही जाते  है. 

वाराणसी का शिवदासपुर एरिया वाराणसी रेलवे स्‍टेशन से तकरीबन 3 किलोमीटर दूर स्थित है  तथा यह इलाका यहां के रेडलाइट इलाके के रूप में फेमस है। यह एक तरह से यूपी का सबसे बड़ा रेडलाइट इलाका है। यहां की तंग गलियों में घर के बाहर खड़ी लड़कियां खूबसूरत व आकर्षक परिधानों में ग्राहकों को उसी पारंपरिक तरीके से रिझाती नजर आती हैं. जैसे पहले कोठे में बुलाने की कवायद होती थी.  

महाराष्‍ट्र की उपराजधानी कहे जाने वाले नागपुर के इतवारी इलाके में गंगा-जमुना इलाका है जो देह व्यापार का एक बहुत बढ़ा केंद्र बिंदु है, जहां वेश्‍यावृत्ति चलती है। यह इलाका देह व्‍यापार के लिए पूरे नागपुर में फेमस है। खास बात यह है कि यहा कई तरह के अपराधों का भी अड्डा है। यहा हर तरह की लडकिया आपको उपलब्ध हो जाती है. 

उत्तरी बिहार के मुजफ्फरपुर का चतुरभुज स्‍थान यहां कई सालों से मंदिर और कोठे आस-पास हैं. व यहा बड़ी मात्रा में देह व्यापार का कारोबार फलफूल रहा है. यहा पर बड़ी मात्रा में लड़कियों द्वारा देह व्यापार का कार्य किया जाता है जिससे वे अपने परिवार का भरण पोषण करते है.

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