तेरी पनाह में

Oct 06 2015 07:49 PM
तेरी पनाह में

रात भर जाग कर फरियाद जिनकी करते है।

साथ नहीं है वो पर प्यार करते है।

जी नहीं सकते हम उनके बिना,

लगता है जी कर हम गुनाह कर रहे है ।

गुजरे पलो को याद कर रहे थे

तारो से आपकी बात कर रहे थे

सुकून मिलता है जब होते हो तुम पास

हिचकियाँ आती है जब तुम याद करते हो