सोशल मीडिया में भी सिंहस्थ का प्रचार-प्रसार प्रारम्भ

Apr 30 2015 09:33 AM
सोशल मीडिया में भी सिंहस्थ का प्रचार-प्रसार प्रारम्भ

उज्जैन : सिंहस्थ-2016 जहां हाईटेक होने जा रहा है, वहीं प्रचार-प्रसार में भी टेक्नालॉजी का इस्तेमाल वृहद स्तर पर किया जा रहा है। शुरूआती दौर में सिंहस्थ की वेब साइट बनाकर लांच कर दी गई है। सोशल मीडिया में फेसबुक व टि्वटर पर भी सिंहस्थ के अकाउंट ओपन किये गये हैं। सिंहस्थ-2016 के लिये तैयार की गई वेब साइट धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रही है।

इसमें मंदसौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर के लोगों ने जहां सिंहस्थ के बारे में रूचि जाहिर करते हुए जानकारी प्राप्त करने के लिये रजिस्ट्रेशन कराया है, वहीं यूएसए से भी एक व्यक्ति ने वेब साइट के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करवाया है। सिंहस्थ मेला अधिकारी अविनाश लवानिया ने इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि सिंहस्थ की वेब साइट www.simhasthujjain.in को विगत अक्षय तृतीया के दिन लांच कर दिया गया है।

इसी के साथ इस वेब साइट से फेसबुक अकाउंट, Facebook/Simhasth को लिंक किया गया है तथा टि्वटर के अकाउंट को भी इस वेब साइट से लिंक किया गया है। टि्वटर पर हैण्डल Simhasth के नाम से बनाया गया है। कोई भी व्यक्ति सीधे फेसबुक पेज को ओपन कर सकता है। अपने कमेंट या क्वेरी इसके माध्यम से भेज सकता है। इसी तरह टि्वटर के हैण्डल पर जाकर सिंहस्थ के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उक्त दोनों फेसबुक व टि्वटर अकाउंट के माध्यम से भी सिंहस्थ की वेब साइट पर पहुंचा जा सकता है, जहां पर सिंहस्थ के बारे में डिटेल में जानकारी उपलब्ध करवाई गई है।

हिन्दी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में बनी है वेब साइट

सिंहस्थ-2016 के लिये हाल ही में लांच की गई वेब साइट हिन्दी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध करवाई गई है। वेब साइट पर स्नान की तिथियां, सिंहस्थ का पौराणिक महत्व, घाटों का विवरण, अखाड़ों का विवरण, समुद्र मंथन, उज्जैन के बारे में विशेष जानकारी, वीडियो, फोटो गैलरी जिसमें सिंहस्थ-2004 के फोटो एवं वीडियो अपलोड किये गये हैं।

वेब साइट में उज्जैन शहर, श्री महाकालेश्वर मन्दिर, शहर में स्थित अन्य मन्दिर, जिसमें 84 महादेव शामिल हैं। पंचक्रोशी यात्रा आदि के बारे में विस्तृत एवं सटीक जानकारी उपलब्ध करवाई गई है। पर्यटन के हिसाब से उज्जैन के निकटवर्ती स्थानों के बारे में भी विवरण दिया गया है। उज्जैन कैसे पहुंचा जाये व सिंहस्थ-2016 के दौरान किये जा रहे विकास कार्यों की चित्रमयी झांकी भी वेब साइट पर उपलब्ध है।