रामकथा करने वाले दाऊद मुख्यमंत्री डाॅ. सिंह के हाथों सम्मानित

By Lav Gadkari
Oct 07 2015 03:39 PM
रामकथा करने वाले दाऊद मुख्यमंत्री डाॅ. सिंह के हाथों सम्मानित

रायपुर : राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता रामायणी और पूर्व शिक्षक दाऊद खान द्वारा बीते समय 68 वर्षों से छत्तीसगढ़ समेत देश के विभिन्न शहरों में रामकथा वाचन का कार्य किया गया है। यही नहीं दाऊद छत्तीसगढ़ के निवासी हैं। मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह द्वारा उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। उन्हें आदिवासी बेलमेटल की कलाकृति भी सम्मान स्वरूप भेंट की गई। यही नहीं खान को शाॅल, श्रीफल और बस्तर के आदिवासी हस्तशिल्पियों ने दाऊद को विशेषतौर पर सम्मानित किया। इस दौरान इन शिल्पियों ने आदिवासी शिल्प पहनाकर उन्हें सम्मानित किया।

68 वर्षों से छत्तीसगढ़ समेत देश के शहरों में रामकथा का कार्य किया जा रहा है। इस दौरान वर्ष 1947 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में उन्होंने पहला प्रवचन दिया। मिली जानकारी के अनुसार रामकथा वाचन की प्रेरणा उन्हें साहित्यकार डाॅ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी को देखकर मिली। हालांकि उन्होंने सालिक राम द्विवेदी से भी बहुत प्रेरणा हासिल की। दूसरी ओर रामायण, कुरान, गुरूग्रंथ साहिब, बाइबिल और गीता समेत विभिन्न धर्मग्रंथों का अध्ययन भी किया।

तत्कालीन राष्ट्रपति वराह गिरि वेंकट गिरी द्वारा 1970 में उन्हें सम्मानित किया गया। इन संस्थाओं द्वारा कई संस्थाओं को पुरस्कृत किया गया। राज्य सरकार द्वारा बीते माह महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में राम-सांस्कृतिक सौहार्द विषय पर भी व्याख्यान हुआ था। मुख्यमंत्री द्वारा यह भी कहा गया कि दाऊद खान गोस्वामी तुलसी दास के लोकप्रिय महाकाव्य रामचरित मानस पर आधारित प्रवचनों के माध्यम से मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम की प्रेरक जीवनगाथा को कई व्यक्तियों तक पहुंचा दिया।