राधे मां द्वारा काला जादू कानून के उल्लंघन का नही मिला कोई सबूत, सुनवाई स्थगित

मुंबई : मुंबई पुलिस ने आज बंबई उच्च न्यायालय को सुचना दी कि खुद को देवी रूप बताने वाली राधे मां द्वारा काला जादू कानून के उल्लंघन का कोई सबूत नहीं पाया गया है. पुलिस ने कहा, शिकायतकर्ताओं, गवाहों और संदिग्ध के बयान दर्ज करने और सुखविंदर कौर उर्फ राधे मां के आवास पर छापेमारी के बाद महाराष्ट्र मानव कुर्बानी एवं अन्य अमानवीय, शैतानी एवं अघोरी कार्य की रोकथाम तथा उन्मूलन एवं काला जादू कानून के प्रावधानों के उल्लंघन कि साबुत नहीं पाए गए है .

न्यायमूर्ति वी एम कनाडे और शालिनी फनसालकर जोशी की खंडपीठ के सामने पुलिस ने हलफनामा दायर किया है. वकील फाल्गुनी ब्रह्मभट्ट की याचिका पर हलफनामा दायर किया गया जिसमें राधे मां के खिलाफ अश्लीलता के आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज किए जाने की मांग की गई और बताया गया कि उनकी शिकायत पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है. पुलिस ने अपने हलफनामे में कहा कि ब्रह्मभट्ट की शिकायत पर उनका बयान दर्ज किया गया और राधे मां का भी बयान दर्ज किया गया जिन्होंने दावा किया कि उन्हें फंसाया गया है. इसने कहा, ‘‘डॉली बिंद्रा की तरफ से मिली शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. मामले में ब्रह्मभट्ट गवाह होंगी. नंदनवन भवन (राधे मां का आवास) पर छापेमारी भी की गई लेकिन कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला.

हलफनामे कि अनुसार राधे मां द्वारा संचालित न्याय की स्थिति का पता लगाने और इसकी कार्यप्रणाली में किसी वित्तीय अनियमितता का पता लगाने के लिए 26 अगस्त को चैरिटी आयुक्त के कार्यालय को पत्र लिखा गया है. आयकर विभाग को पत्र लिखकर वित्तीय अनियमितताओं पर गौर करने को कहा गया है क्योंकि यह पुलिस के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता. उच्च न्यायालय ने हलफनामे के अवलोकन के बाद मामले की सुनवाई दो हफ्ते के लिए स्थगित कर दी. बता दे की राधे मां पर दहेज़ प्रताड़ना, अश्लीलता फैलाना और कला जादू समेत कई आरोप लगे हुए है.

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