प्यार की तलाश

जाते जाते वो मेरे खून में जहर भर गया ,

तेरी याद में जी के आठो पहर मर गया,

रहकर चार दिन मेरे पास तजुर्बा दे गया,

खुल कर जीने का सबक दे गया,

बढ़ाये थे उनकी तरफ हमने

बेरुखी के दो कदम,

समझ आई तब पता चला

पागल थे हम

किस दिल को मिलता है सच्चा प्यार ,

यह सोच में दर दर भटका.

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