डेरा सच्चा सौदा की रहस्यमयी चुप्पी, संकेत के इन्तजार में संगत

डेरा सलाबतपुरा : पंजाब विधान सभा के चुनाव में अब सिर्फ एक सप्ताह बाकी है , लेकिन मालवा में खास पकड़ रखने वाले और पंजाब में 70 लाख अनुयायियों का दावा करने वाले संत गुरमीत राम रहीम का डेरा सच्चा सौदा फिलहाल चुप्पी साधे हुए है. यहां खुलकर चुनावी चर्चा नहीं हो रही है. संगत भी संकेत के इंतजार में है.जैसे ही इशारा मिलेगा उस पार्टी की बल्ले - बल्ले हो जाएगी.

इस बारे में राजनीतिक विंग के चेयरमैन राम सिंह के अनुसार अभी किसी को समर्थन देने का फैसला नहीं किया है. संभव है 2 फरवरी की शाम तक ही कोई फैसला हो. अभी डेरा अपनी संगत से फीडबैक ले रहा है. बता दें कि पटियाला, संगरूर, मानसा, बरनाला, बठिंडा, मुक्तसर, फाजिल्का और फरीदकोट जिलों में डेरे का अच्छा प्रभाव है. वैसे मालवा के जिन इलाकों में डेरे का प्रभाव ज्यादा है, वहां बीजेपी केवल तीन सीटों फाजिल्का, अबोहर और फिरोजपुर में ही चुनाव लड़ रही है.सूत्रों के अनुसार डेरा सीधे रूप से अकाली दल को समर्थन नहीं देगा, लेकिन भाजपा को समर्थन दे सकता है.लेकिन ज्यादा फायदा अकाली दल को होने की संभावना है.

गौरतलब है कि सी एम बादल से लेकर अकाली दल के अन्य मंत्रियों और नेताओं का पंजाब में बहुत विरोध हो रहा है. ग्रामीण क्षेत्र में आम आदमी पार्टी सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है.इसको देखते हुए अकाली और भाजपा ने अपनी रणनीति बदल डेरों तक पकड़ बनानी शुरू कर दी है. डेरा सच्चा सौदा सिरसा में तीन दिन तक अकाली-भाजपा के नेताओं ने अपने डेरे जमाए रखे. शुक्रवार को भी डेरे में कई नेताओं ने हाजिरी लगाई.

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